नियमितीकरण से वेतन तक की मांग, रांची नगर निगम के मजदूरों ने खोला मोर्चाBy Mid Time Bureau Thu, 15 October 2026 06:31 PM

रांची: झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन (सीटू) के नेतृत्व में गुरुवार को रांची नगर निगम के मजदूरों ने विभिन्न मांगों को लेकर हड़ताल की। यूनियन ने आरोप लगाया कि मजदूरों को आंदोलन से दूर रखने के लिए धमकी और दबाव का सहारा लिया गया। यूनियन ने स्पष्ट किया कि मजदूरों की मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

हड़ताल के समर्थन में आयोजित सभा को भवन सिंह, एसके राय, प्रकाश टोप्पो, प्रफुल्ल लिंडा, सुखनाथ लोहरा, बीना लिंडा, हरेंद्र यादव, महेंद्र कुमार, सुजीत लकड़ा और सुजिता ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखने और जरूरी सेवाएं संचालित करने वाले सफाईकर्मी आज अपने अधिकारों, सम्मान और रोजगार की सुरक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मजदूरों की वास्तविक स्थिति और स्वच्छ भारत अभियान के दावों के बीच विरोधाभास दिखाई देता है।

यूनियन के अनुसार, मजदूरों का आंदोलन अप्रैल 2025 में मांगपत्र सौंपने के साथ शुरू हुआ था। इसके बाद नगर निगम गेट और श्रम भवन के समक्ष कई बार प्रदर्शन किए गए तथा अधिकारियों के साथ वार्ता भी हुई। 24 सितंबर 2025 को श्रम विभाग के समक्ष त्रिपक्षीय समझौता होने के बावजूद अधिकांश मांगें अब तक लंबित हैं। इनमें मजदूरों का नियमितीकरण, बकाया भुगतान, बोनस, छुट्टियां, मातृत्व लाभ, उचित वेतन और रोजगार की सुरक्षा प्रमुख हैं।

सभा में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि हड़ताल को कमजोर करने के लिए मजदूरों पर दबाव बनाया गया और उन्हें सभा में शामिल होने से रोकने की कोशिश की गई। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों, पर्यवेक्षकों, वार्ड पार्षदों और संबंधित ठेकेदारों की भूमिका पर भी सवाल उठाए।

यूनियन ने नगर निगम प्रबंधन और ठेकेदारों से मांग की कि हड़ताल में शामिल होने या आंदोलन का समर्थन करने वाले किसी भी मजदूर को प्रताड़ित नहीं किया जाए। साथ ही किसी को काम से हटाने, मजदूरी रोकने या बदले की भावना से कार्रवाई करने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।

वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों ने बातचीत के जरिए समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त समय दिया है। अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा। त्रिपक्षीय समझौते को लागू करने और सभी लंबित मांगों का समयबद्ध समाधान करने की जिम्मेदारी प्रशासन की है।

झारखंड नगर निकाय मजदूर यूनियन और सीटू ने मजदूरों से एकजुट रहने तथा किसी भी धमकी या दबाव के आगे नहीं झुकने की अपील की। यूनियन के महासचिव प्रकाश टोप्पो और सीटू के जिला सचिव प्रतीक मिश्रा ने कहा कि जब तक मजदूरों को न्याय नहीं मिलता और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, संघर्ष जारी रहेगा।