झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा पर संकट, 40 घंटे की हड़ताल का ऐलानBy Mid Time Bureau Fri, 16 October 2026 12:01 PM

रांची: झारखंड में 108 एम्बुलेंस सेवा से जुड़े कर्मचारियों के आंदोलन ने अब और तेज रुख अपना लिया है। अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कर्मचारियों ने पहले 16 अक्टूबर को एक दिन की हड़ताल करने का ऐलान किया था, लेकिन अब इसमें बदलाव करते हुए हड़ताल की अवधि 40 घंटे कर दी गई है। इसके तहत 15 अक्टूबर की रात 8 बजे से 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक राज्यभर में 108 एम्बुलेंस सेवा बाधित रहने की घोषणा की गई है।

21 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

झारखंड प्रदेश एम्बुलेंस कर्मचारी संघ, जो भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध है, लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन कर रहा है। संघ का कहना है कि सरकार और संबंधित विभाग की ओर से अब तक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। इसी नाराजगी के बीच 16 अक्टूबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन यानी NHM के नामकुम स्थित मुख्यालय के सामने शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन करने की तैयारी है।

कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर फैसला नहीं लिया गया, तो 21 अक्टूबर 2026 से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी।

संघ के प्रदेश महामंत्री और रांची जिला अध्यक्ष सूरज साहू के मुताबिक, कर्मचारियों की समस्याओं पर चर्चा के लिए स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात का समय मांगा गया था। हालांकि, अब तक इस दिशा में बैठक नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि संघ बातचीत के जरिए समाधान निकालने के पक्ष में है और स्वास्थ्य विभाग के पूर्व निर्णयों को लागू कराने के साथ कर्मचारियों की लंबित मांगों को पूरा करने की कोशिश कर रहा है।

वहीं, संघ के अध्यक्ष नीरज तिवारी ने बताया कि शुक्रवार को राज्य के अलग-अलग जिलों से 108 एम्बुलेंस कर्मचारियों को नामकुम स्थित NHM मुख्यालय पहुंचने के लिए कहा गया है। दूरदराज के इलाकों से कर्मचारियों को आने में समय लगता है। इसी वजह से हड़ताल की शुरुआत 15 अक्टूबर की रात 8 बजे से करने का फैसला लिया गया, जो 17 अक्टूबर की सुबह 8 बजे तक जारी रहेगी।

आश्वासन के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से नाराजगी

सूरज साहू ने बताया कि 16 सितंबर 2026 को स्वास्थ्य मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक के दौरान कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए 15 से 20 दिनों का समय मांगा गया था। लेकिन तय समय गुजरने के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई। संघ का आरोप है कि समस्याओं का समाधान करने के बजाय एम्बुलेंस सेवा जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।

क्या हैं कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?

108 एम्बुलेंस कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में एम्बुलेंस सेवा का संचालन जिला स्तर पर सिविल सर्जन के माध्यम से शुरू करना, बर्खास्त कर्मचारियों की बहाली, बकाया वेतन का भुगतान और सभी कर्मचारियों को श्रम कानूनों के तहत मिलने वाले वैधानिक अधिकार सुनिश्चित करना शामिल है।

संघ ने अपने आंदोलन की जानकारी सम्मान फाउंडेशन कंपनी और स्वास्थ्य विभाग को भी दी है। कर्मचारियों की मांग है कि सरकार उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करे। संघ ने साफ किया है कि जब तक मांगों पर ठोस निर्णय लेकर उन्हें लागू नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। साथ ही, 21 अक्टूबर से प्रस्तावित अनिश्चितकालीन हड़ताल के फैसले पर भी संघ कायम है।