हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन की दशकर्म रस्म आज, कल संस्कार भोज में उमड़ेगा जनसैलाबBy Mid Time Correspondent Sat, 17 October 2026 02:42 PM

नेमरा: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शनिवार को अपने पैतृक गांव नेमरा में मां रूपी सोरेन की दशकर्म की रस्में निभा रहे हैं। आदिवासी परंपरा और स्थानीय रीति-रिवाजों के मुताबिक होने वाली इस रस्म के बाद परिवार का छुतका समाप्त होगा। इसके बाद रविवार, 18 अक्टूबर को नेमरा में संस्कार भोज का आयोजन किया जाएगा।
इस आयोजन में सिर्फ झारखंड ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों से भी लोगों के पहुंचने की संभावना है। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक संस्कार भोज में एक लाख से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने को देखते हुए गांव से लेकर आसपास के इलाकों तक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।
दशकर्म की रस्मों के लिए कुडूम हड़ाम छोटू बेसरा, नायके हड़ाम चेतन टुडू, प्राणिक हड़ाम बिजू सोरेन और काशीनाथ बेसरा की जिम्मेदारी तय की गई है। पारंपरिक विधि से रस्म पूरी होने के बाद रविवार को संस्कार भोज होगा।

नेमरा से रामगढ़ तक सुरक्षा का घेरा

बड़ी भीड़ और विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर खास इंतजाम किए हैं। शुक्रवार को अधिकारियों की बैठक में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारियां बांटी गईं।
जानकारी के अनुसार, कार्यक्रम में 14 आईपीएस और 42 डीएसपी स्तर के अधिकारियों की तैनाती की गई है। इनके अलावा बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी भी सुरक्षा व्यवस्था संभालेंगे। नेमरा से रामगढ़ तक सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जाएगी।
देशभर से आने वाले वीआईपी और अन्य विशिष्ट अतिथियों की आवाजाही के लिए तीन हेलीपैड भी तैयार किए गए हैं। प्रशासन का फोकस भीड़ को नियंत्रित रखने, यातायात व्यवस्था सुचारू बनाए रखने और कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित करने पर है।

एक साल में माता-पिता दोनों को खोने का दर्द

हेमंत सोरेन के लिए यह समय भावनात्मक रूप से बेहद कठिन है। उनकी मां रूपी सोरेन का 7 अक्टूबर को रांची के एक निजी अस्पताल में निधन हुआ था। इसके बाद 8 अक्टूबर को नेमरा में उनका अंतिम संस्कार किया गया था, जहां मुख्यमंत्री ने अपनी मां को मुखाग्नि दी थी।
रूपी सोरेन, झारखंड मुक्ति मोर्चा के संस्थापक और पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत शिबू सोरेन की पत्नी थीं। शिबू सोरेन का निधन वर्ष 2025 में दिल्ली के एक अस्पताल में हुआ था। यानी करीब एक साल के भीतर हेमंत सोरेन ने अपने माता-पिता दोनों को खो दिया।
अब नेमरा में परिवार परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ रूपी सोरेन की अंतिम रस्में पूरी कर रहा है। शनिवार की दशकर्म रस्म के बाद रविवार का संस्कार भोज इस आयोजन का अगला महत्वपूर्ण पड़ाव होगा, जहां बड़ी संख्या में लोग नेमरा पहुंचकर सोरेन परिवार के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त कर सकते हैं।