‘दिमागी नक्सल’ आधुनिक रावण का रूप, समाज को खुद बनना होगा राम: डॉ. प्रदीप वर्माBy Mid Time Bureau Wed, 21 October 2026 05:28 PM

विजयादशमी के अवसर पर टाटीसिलवे में दशहरा समिति की ओर से भव्य रावण दहन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राज्यसभा सांसद और भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने विजयादशमी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए समाज से बुराइयों के खिलाफ एकजुट होकर खड़े होने का आह्वान किया।

डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने कहा कि विजयादशमी असत्य पर सत्य की जीत का प्रतीक है। असत्य चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः सत्य के सामने उसे हारना पड़ता है। उन्होंने कहा कि त्रेतायुग में भगवान राम ने रावण का वध किया था, लेकिन आज के समय में समाज को ही राम की भूमिका निभानी होगी। जब भी समाज में बुराई रावण का रूप लेकर सामने आए, तो उसका मुकाबला करने के लिए लोगों को स्वयं आगे आना होगा। उनके मुताबिक, हर साल रावण दहन का आयोजन इसी संकल्प को दोहराने का अवसर है।

‘दिमागी नक्सल’ को बताया आधुनिक रावण का रूप

अपने संबोधन में डॉ. वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 अगस्त के भाषण में इस्तेमाल किए गए ‘दिमागी नक्सल’ शब्द का उल्लेख किया। उन्होंने इसे आधुनिक समय की एक नई चुनौती बताते हुए कहा कि आज रावण अलग-अलग रूपों में समाज के सामने आ सकता है। उन्होंने लोगों से ऐसी शक्तियों के खिलाफ सजग रहने और उनका मुकाबला करने के लिए तैयार रहने की अपील की।

बुराइयों के खिलाफ समाज की भूमिका पर दिया जोर

डॉ. वर्मा ने वैश्विक अस्थिरता और यूरोप के मौजूदा हालात का उदाहरण देते हुए कहा कि कभी अपनी समृद्धि के लिए पहचाने जाने वाले यूरोप में आज कई तरह की चुनौतियां दिखाई दे रही हैं। उन्होंने भारत के सामाजिक स्वरूप का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां का समाज बुरी ताकतों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार करने के बजाय खुद भी प्रतिरोध के लिए आगे आता है।

उन्होंने कहा कि समाज की एकजुटता और बुराइयों के खिलाफ सामूहिक संकल्प देश को मजबूत बनाते हैं। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने दशहरा समिति, टाटीसिलवे के सदस्यों की सराहना की और समारोह में मौजूद लोगों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने ‘भारत माता की जय’ के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

कई गणमान्य लोग रहे मौजूद

समारोह में दशहरा समिति के अध्यक्ष शंकर प्रसाद साहू, रासेश्वर मिश्रा, ब्रजेश सिंह, पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, विनोबा भावे विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति रवींद्र नाथ भगत, समिति के संरक्षक एवं पंचायती राज प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक जैलेंद्र कुमार, डीएसपी अमर कुमार पांडेय, मुखिया कृष्णा पाहन, जिला परिषद सदस्य अनुराधा मुंडा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया।