
जमशेदपुर में डेंगू की रोकथाम के लिए टाटा स्टील ने अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं। शहर में मच्छरों के प्रजनन पर रोक लगाने, घर-घर सर्वे करने और लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाया जा रहा है। टाटा स्टील UISL के जरिए किए जा रहे इन प्रयासों में स्थानीय लोगों की भागीदारी भी अहम भूमिका निभा रही है। कंपनी के अनुसार, इन कोशिशों से डेंगू के मौजूदा सीजन में स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित रखने में मदद मिली है।
इस सीजन में अब तक 4 लाख 89 हजार से अधिक घरों का सर्वे किया जा चुका है। अभियान के दौरान घरों के अंदर मच्छरों के पनपने वाले 14,193 और घरों के बाहर ऐसे 11,855 स्थानों की पहचान कर उन्हें खत्म किया गया है। यानी अब तक मच्छरों के प्रजनन के 26 हजार से अधिक स्रोतों को नष्ट किया जा चुका है। सर्वे के साथ ही लोगों को डेंगू से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जा रही है।
डेंगू की रोकथाम के प्रयासों के बीच हाउस इंडेक्स के आंकड़े भी राहत देने वाले बताए जा रहे हैं। यह सूचकांक एडीज़ मच्छरों के प्रजनन की स्थिति का आकलन करने में मदद करता है। अप्रैल से सितंबर के बीच जमशेदपुर में औसत हाउस इंडेक्स 2.7 दर्ज किया गया, जबकि सितंबर में यह घटकर 2.4 पर पहुंच गया। निर्धारित लक्ष्य 5 से कम है। टाटा स्टील के मुताबिक, पिछले वर्षों की तुलना में ये आंकड़े बेहतर स्थिति का संकेत देते हैं।
वहीं, लोगों को जागरूक करने के लिए कंपनी ने अपने #पलटीमार3 अभियान के तहत स्कूलों और सामुदायिक क्षेत्रों में गतिविधियां बढ़ाई हैं। इस सीजन में अब तक 212 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, जबकि स्कूलों में डेंगू से बचाव का संदेश देने के लिए 104 नुक्कड़ नाटक किए गए हैं।
इसके अलावा, फील्ड टीमों ने घर-घर जाकर स्वास्थ्य और डेंगू से बचाव को लेकर 4 लाख 40 हजार से अधिक बार लोगों से संवाद किया है। अभियान के जरिए नागरिकों को यह समझाने की कोशिश की जा रही है कि डेंगू से बचाव के लिए घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देना और नियमित रूप से मच्छरों के पनपने की जगहों की जांच करना जरूरी है। टाटा स्टील का जोर निगरानी और जागरूकता के साथ सामुदायिक भागीदारी को मजबूत करने पर है।