
झारखंड में आज होने वाली कैबिनेट बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 27 अक्टूबर को दोपहर 3 बजे प्रोजेक्ट भवन में मंत्रिपरिषद की बैठक होगी। लंबे अंतराल के बाद हो रही इस बैठक में पांच दर्जन से अधिक प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है। इनमें जेपीएससी का पुनर्गठन, सरकारी कर्मचारियों की वेतन विसंगतियां और खनन से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हो सकते हैं।
कैबिनेट की बैठक में सबसे अहम मुद्दों में झारखंड लोक सेवा आयोग यानी जेपीएससी के पुनर्गठन से जुड़ा प्रस्ताव शामिल बताया जा रहा है। इस पर सरकार क्या फैसला लेती है, इसे लेकर निगाहें बनी हुई हैं। हालांकि, अंतिम निर्णय कैबिनेट की बैठक के बाद ही स्पष्ट होगा।
राज्य सरकार के कर्मचारियों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए कमेटी गठित करने का प्रस्ताव भी बैठक में पेश किए जाने की संभावना है। बताया जा रहा है कि वित्त विभाग ने इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा है। अगर प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो वेतन से जुड़ी समस्याओं के समाधान की दिशा में आगे की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।
कैबिनेट में खनन विभाग से जुड़े प्रस्ताव पर भी चर्चा होने की संभावना है। इसके तहत सरकारी निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी, बालू और पत्थर की उपलब्धता को लेकर पुरानी व्यवस्था फिर से लागू करने पर विचार किया जा सकता है।
प्रस्ताव के मुताबिक, सरकारी योजनाओं के संवेदक निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी, बालू और पत्थर किसी भी स्थान से प्राप्त कर सकेंगे। हालांकि, इसके लिए उन्हें निर्धारित दर से दोगुनी रॉयल्टी का भुगतान करना होगा।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि पांच दर्जन से अधिक संभावित प्रस्तावों में से किन मुद्दों पर कैबिनेट की मुहर लगती है और कौन से फैसले राज्य के कर्मचारियों, निर्माण कार्यों तथा प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावित कर सकते हैं। बैठक के बाद ही सरकार के अंतिम फैसलों की तस्वीर साफ होगी।