
गुमला: त्योहारों के दौरान मिलावटखोरी पर रोक लगाने और लोगों को सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुमला जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में जांच अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी प्रकाश चंद्र गुग्गी, कुमार प्रभाकर और आशा राज के नेतृत्व में शहर की विभिन्न दुकानों, प्रतिष्ठानों और विद्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। अचानक हुई इस कार्रवाई से स्थानीय कारोबारियों के बीच हलचल देखने को मिली।
जांच अभियान के तहत टीम ने एसएस गली स्थित मेसर्स मंत्री स्टोर का निरीक्षण किया। इस दौरान दुकान संचालक को नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल कराने और परिसर में साफ-सफाई का उचित प्रबंध रखने का निर्देश दिया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि दुकान में किसी भी परिस्थिति में एक्सपायरी खाद्य सामग्री की बिक्री नहीं होनी चाहिए।
बच्चों के स्वास्थ्य और मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा टीम ने एसएस (10+2) उच्च विद्यालय, गुमला में मिड-डे मील के लिए इस्तेमाल होने वाले स्टोर रूम और रसोईघर का भी निरीक्षण किया।
विद्यालय के प्राचार्य को निर्देश दिया गया कि खाद्य सामग्री खरीदते समय उसके लेबल, लाइसेंस नंबर, पैकेजिंग की तारीख और उपयोग की अंतिम तारीख की अच्छी तरह जांच की जाए। इसके साथ ही रसोईघर और स्टोर रूम की नियमित सफाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
खाना बनाने और खाद्य सामग्री काटने के लिए लोहे के चाकू के इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए केवल स्टील के चाकू उपयोग करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, सभी खाद्य प्रतिष्ठानों में कचरे के उचित निपटान के लिए ढक्कन वाले डस्टबिन रखने को कहा गया।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरी और अमानक खाद्य पदार्थों की बिक्री के खिलाफ यह अभियान केवल पर्व-त्योहारों तक सीमित नहीं रहेगा। पूरे गुमला जिले में आगे भी लगातार और औचक जांच की जाएगी। विभाग ने खाद्य कारोबारियों को नियमों का पालन करने और स्वच्छता बनाए रखने की हिदायत दी है।
