हथियार छोड़े, साथ थामा: हजारीबाग ओपन जेल में दो पूर्व नक्सली कमांडरों ने रचाई शादीBy Mid Time Bureau Wed, 28 October 2026 07:07 PM

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग ओपन जेल में कभी नक्सली कमांडर रहे सुरेश सिंह मुंडा और सोमवारी हेम्ब्रम ने शादी कर नई जिंदगी की शुरुआत की. सरेंडर के बाद दोनों ओपन जेल में रह रहे थे, जहां उनकी शादी पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कराई गई. खास बात यह रही कि इस शादी में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी ही बाराती और घराती बने.
यह शादी फरवरी-मार्च में हुई थी, लेकिन अब इससे जुड़ी तस्वीरें और वीडियो सामने आने के बाद यह मामला चर्चा में है. रांची के बुंडू के बारूहातू गांव निवासी सुरेश सिंह मुंडा और तमाड़ के अराहंगा गांव की सोमवारी हेम्ब्रम ने जेल प्रशासन के सामने शादी की इच्छा जताई थी. इसके बाद जेल परिसर में ही विवाह की व्यवस्था की गई.

सरेंडर के बाद ओपन जेल में शुरू हुई नई कहानी

दोनों ने नक्सलवाद का रास्ता छोड़कर पुलिस के सामने सरेंडर किया था. इसके बाद उन्हें हजारीबाग के ओपन जेल में रखा गया था. वहीं रहते हुए दोनों ने शादी करने का फैसला लिया. उनकी इच्छा को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन ने विवाह की व्यवस्था कराने में सहयोग किया.

डीजीपी तदाशा मिश्रा के निर्देश पर आयोजित इस विवाह में पुलिस और प्रशासन के अधिकारी शामिल हुए. हजारीबाग के जिला विवाह पदाधिकारी राजेश एक्का ने विवाह का पंजीकरण भी कराया.

 पुलिस-प्रशासन बना शादी का हिस्सा

आमतौर पर जिस पुलिस और प्रशासन के खिलाफ कभी हथियार उठाए गए थे, उसी व्यवस्था के अधिकारी इस बार दोनों की शादी में साथ खड़े नजर आए. अधिकारियों ने विवाह की रस्मों में शामिल होकर नवविवाहित जोड़े को नई जिंदगी की शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं.

 मुख्यधारा में लौटने की तस्वीर

सुरेश सिंह मुंडा और सोमवारी हेम्ब्रम की यह शादी सिर्फ दो लोगों के साथ आने की कहानी नहीं है, बल्कि सरेंडर कर चुके नक्सलियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की कोशिश की एक तस्वीर भी सामने लाती है. नक्सलवाद छोड़ने के बाद दोनों अब सामान्य जीवन की ओर कदम बढ़ा रहे हैं.