रांची-पटना रोड पर थम गई रफ्तार, 15 घंटे तक जाम में फंसे रहे हजारों लोगBy Mid Time Bureau Mon, 02 November 2026 11:40 AM

रांची-पटना राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित कोडरमा घाटी में बदहाल सड़क और वाहनों के खराब होने से यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। रविवार शाम से सोमवार सुबह तक करीब 15 घंटे तक घाटी में वाहनों का आवागमन ठप रहा। जाम का असर इतना व्यापक था कि सड़क के दोनों ओर करीब 25 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग गई। हजारों यात्री रातभर फंसे रहे। इस दौरान सबसे ज्यादा नाराजगी इस बात को लेकर दिखी कि जाम की गंभीर स्थिति के बावजूद NHAI का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।

जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह करीब 9 बजे नवां माइल घाटी के पास एक ट्रेलर और ट्रक खराब हो गए थे। इन वाहनों को हटाने के बाद यातायात किसी तरह सामान्य हुआ, लेकिन शाम करीब 4 बजे जमसोती नाला के पास एक ट्रक का टायर अचानक फट गया। ट्रक बीच घाटी में ही फंस गया। पहले से जर्जर सड़क और दोनों किनारों पर बने गहरे गड्ढों के कारण दूसरे वाहनों को निकलने का रास्ता नहीं मिला। देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और पूरी घाटी जाम की चपेट में आ गई।

गौरतलब है कि कोडरमा घाटी रांची-पटना मार्ग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस रास्ते से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन गुजरते हैं। इसके बावजूद सड़क की स्थिति लंबे समय से खराब बनी हुई है। जगह-जगह गड्ढे और टूटी सड़क के कारण वाहन अक्सर खराब होते रहते हैं। ऐसी स्थिति में एक वाहन के फंसते ही पूरी घाटी में जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि NHAI की ओर से न तो सड़क की नियमित मरम्मत कराई जा रही है और न ही यातायात बाधित होने की स्थिति से निपटने के लिए कोई ठोस व्यवस्था की गई है।

जाम का असर दूसरे रूटों पर भी देखने को मिला। बिहार से रांची आने वाले कई वाहनों को रास्ता बदलकर पटना-गया-बरही के रास्ते सफर करना पड़ा। वहीं, घाटी में फंसे सैकड़ों यात्रियों को पूरी रात सड़क पर गुजारनी पड़ी। इनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे, जिन्हें खाने-पीने की परेशानी का सामना करना पड़ा।

इस मुश्किल हालात में कोडरमा थाना प्रभारी अरविंद कुमार पुलिस बल के साथ पूरी रात घाटी में डटे रहे। पुलिस ने क्रेन की मदद से खराब वाहनों को हटवाने का प्रयास किया। साथ ही जाम में फंसे यात्रियों के लिए पेयजल समेत जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था भी कराई गई। पुलिस की लगातार मशक्कत के बाद सोमवार सुबह करीब 7 बजे यातायात फिर से सामान्य हो सका।

हालांकि, 15 घंटे तक हजारों लोगों की परेशानी के बाद यातायात बहाल हो गया, लेकिन कोडरमा घाटी की जर्जर सड़क और जाम से निपटने की स्थायी व्यवस्था को लेकर सवाल अब भी कायम हैं।