झारखंड के 600 CHO ने ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाओं पर लिया प्रशिक्षण, मरीजों को बेहतर इलाज देने पर जोरBy Mid Time Bureau Mon, 02 November 2026 06:23 PM

रांची:झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने की दिशा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से एक महत्वपूर्ण पहल की गई। सोमवार, 2 नवंबर 2026 को राज्यभर के करीब 600 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) ने ‘ई-संजीवनी टेलीमेडिसिन सेवाएं’ विषय पर आयोजित ऑनलाइन वेबिनार में हिस्सा लिया। इस वेबिनार का आयोजन राज्य CPHC-AAM सेल, NHM झारखंड की ओर से इंटेलीहेल्थ के तकनीकी सहयोग से किया गया।

वेबिनार की शुरुआत राज्य नोडल अधिकारी डॉ. मुकेश कुमार मिश्रा ने की। उन्होंने आयुष्मान आरोग्य मंदिर आने वाले प्रत्येक मरीज के लिए गुणवत्तापूर्ण टेलीकंसल्टेशन की आवश्यकता और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि टेलीमेडिसिन सेवाओं के प्रभावी इस्तेमाल से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य परामर्श उपलब्ध कराया जा सकता है।

इस दौरान इंटेलीहेल्थ की टीम ने ई-संजीवनी प्लेटफॉर्म की नई सुविधाओं और उनके उपयोग की जानकारी दी। वहीं, डॉ. एस. के. मिश्रा ने मरीजों से बेहतर संवाद स्थापित करने, उनकी मेडिकल हिस्ट्री लेने और सही तरीके से डॉक्यूमेंटेशन करने से जुड़े व्यावहारिक सुझाव साझा किए।

रिम्स, रांची की डॉ. अर्पिता राय ने ई-संजीवनी कम्पोजिट स्कोर के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने समझाया कि किस तरह यह स्कोर प्रत्येक टेलीकंसल्टेशन की गुणवत्ता का आकलन करने में मदद करता है। वहीं, डॉ. संजय कुमार ने लाइव डेमो के माध्यम से टेलीमेडिसिन सेवाओं के बेहतर इस्तेमाल के तरीकों और इस दौरान होने वाली आम गलतियों को समझाया।

वेबिनार के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं और विशेषज्ञों से जरूरी जानकारियां प्राप्त कीं। आयोजकों के अनुसार, वेबिनार सफलतापूर्वक पूरा करने वाले सभी सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों को क्रेडिट वेटेज के साथ ई-सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाएगा।

इस पहल का उद्देश्य सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की क्षमता बढ़ाना और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से मरीजों तक गुणवत्तापूर्ण टेलीमेडिसिन सेवाएं पहुंचाना है।