
रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) के विरोध और देश में कथित अराजकता के खिलाफ सोमवार को रांची में भाजपा ने ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत पदयात्रा निकालकर प्रदर्शन किया। मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका से शुरू हुई यह पदयात्रा कचहरी होते हुए जेल मोड़ स्थित भगवान बिरसा मुंडा संग्रहालय तक पहुंची। इसमें भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
पदयात्रा के दौरान कार्यकर्ताओं ने हाथों में विभिन्न नारों वाली तख्तियां लेकर कांग्रेस और विपक्ष के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। इनमें ‘एसआइआर तो बहाना है, घुसपैठियों को बचाना है’, ‘आंदोलन नहीं विकास चाहिए’ और ‘जनादेश से खिलवाड़ नहीं’ जैसे नारे लिखे थे। पदयात्रा से पहले आयोजित सभा में केंद्रीय मंत्री से लेकर प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने कांग्रेस, राहुल गांधी और झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर निशाना साधा।
संसद के बजाय सड़क पर मॉक पार्लियामेंट चला रहा विपक्ष : जुएल उरांव
सभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुएल उरांव ने राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को 1975 के आपातकाल की याद करनी चाहिए। चुनाव जीतकर संसद में अपनी बात रखने के बजाय विपक्ष सड़क पर मॉक पार्लियामेंट चला रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी हार छिपाने के लिए कभी ईवीएम, कभी सुप्रीम कोर्ट तो कभी चुनाव आयोग पर सवाल उठाती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि बैलेट पेपर से हुए एमएलसी चुनाव में भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा है।
जुएल उरांव ने विपक्ष पर देश में बांग्लादेश, श्रीलंका और नेपाल जैसी अराजक स्थिति पैदा करने का सपना देखने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र और यहां का मतदाता बेहद मजबूत है। लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश सफल नहीं होगी।
मंईयां सम्मान योजना पर भी सरकार को घेरा
केंद्रीय मंत्री ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार को भी निशाने पर लिया। उन्होंने मंईयां सम्मान योजना को लेकर सवाल उठाते हुए इसे विफल बताया। उनका आरोप था कि योजना के पैसे को लेकर झामुमो और कांग्रेस के बीच लगातार खींचतान चल रही है। भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य सरकार को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय विकास और जनता की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए।
