रांची में सब्जी बाजार से अवैध वसूली पर नगर निगम सख्त, वेंडिंग जोन में शिफ्ट होंगे विक्रेताBy Mid Time Bureau Tue, 03 November 2026 06:12 PM

Ranchi: रांची में सड़क किनारे सब्जी बेचने वाले दुकानदारों के लिए जगह बदलने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ उनसे अवैध वसूली करने वालों पर नगर निगम ने कार्रवाई की चेतावनी दी है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने साफ कर दिया है कि फल और सब्जी विक्रेताओं से अवैध वसूली की शिकायत मिली या कोई इसमें शामिल पाया गया, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

दरअसल, नगर निगम की ओर से संचालित दीनदयाल अंत्योदय योजना-राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन यानी DAY-NULM के तहत चल रहे कामों की समीक्षा के लिए बैठक हुई। नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना, वेंडिंग जोन, लेबर चौक और लेबर शेड के संचालन के साथ आगे की योजनाओं पर चर्चा की गई।

बैठक में बताया गया कि चालू वित्तीय वर्ष में मुख्यमंत्री श्रमिक योजना के तहत अब तक 407 श्रमिकों का स्वच्छता कार्यों के लिए निबंधन किया गया है। इन श्रमिकों को नगर निगम की अलग-अलग शाखाओं से जोड़कर सफाई के काम में लगाया गया है। नगर आयुक्त ने निर्देश दिया कि निगम के नियमित कर्मचारियों और योजना के तहत निबंधित श्रमिकों के काम में किसी तरह की दोहराव की स्थिति नहीं होनी चाहिए। साथ ही इन श्रमिकों की सेवाएं वेंडिंग जोन, नदियों, बड़े नालों और सार्वजनिक स्थलों की सफाई में भी ली जाएं।

वहीं, शहर में लेबर चौक की व्यवस्था को लेकर भी जानकारी दी गई। फिलहाल डोरंडा बाजार, स्वर्गीय दुर्गा सोरेन चौक और हज हाउस के पास लेबर चौक तैयार हैं। इसके अलावा पांच अन्य जगहों पर भी लेबर चौक विकसित करने की प्रक्रिया चल रही है। नगर आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों और सामुदायिक संगठनों को इनकी नियमित देखरेख करने का निर्देश दिया।

बैठक में सब्जी विक्रेताओं को व्यवस्थित करने के लिए भी अहम निर्देश दिए गए। मोरहाबादी रजिस्ट्री ऑफिस के पास बने वेंडिंग जोन में मोरहाबादी इलाके के साप्ताहिक हाट-बाजार के सब्जी विक्रेताओं को अस्थायी रूप से शिफ्ट किया जाएगा। वहीं, कचहरी चौक से नागा बाबा खटाल तक सड़क किनारे दुकान लगाने वाले सब्जी विक्रेताओं को भी वेंडिंग जोन के एक निर्धारित हिस्से में व्यवस्थित करने की योजना है।

नगर निगम की इस कवायद का मकसद एक तरफ फुटपाथ और बाजारों में विक्रेताओं को व्यवस्थित जगह देना है, तो दूसरी तरफ अवैध वसूली पर रोक लगाना भी है। अब देखना होगा कि इन निर्देशों को जमीन पर कितनी तेजी से लागू किया जाता है और सब्जी विक्रेताओं को नई व्यवस्था से कितनी राहत मिलती है।