
रांची: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री उर्फ बागेश्वर बाबा की कथित टिप्पणी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप और उनकी त्रिभंगी मुद्रा को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में अब झारखंड की राजधानी रांची में भी कानूनी कार्रवाई की मांग उठने लगी है। इसी क्रम में राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने गुरुवार को धुर्वा थाना में धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए लिखित शिकायत सौंपी।
कैलाश यादव ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में आयोजित रामकथा के दौरान धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना करते हुए कथित रूप से आपत्तिजनक और अमर्यादित टिप्पणी की थी। शिकायत के अनुसार, उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की त्रिभंगी मुद्रा, उनके खड़े होने के तरीके, कमर और गर्दन की मुद्रा तथा बांसुरी वादन को लेकर ऐसी बातें कहीं, जिससे भगवान श्रीकृष्ण में आस्था रखने वाले श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं।
शिकायत में कहा गया है कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण दोनों ही सनातन धर्म के परम आराध्य और पूजनीय देवता हैं। दोनों के स्वरूप, लीलाओं और महिमा का अपना अलग धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। ऐसे में एक आराध्य देव की महिमा बताने के लिए दूसरे आराध्य देव के स्वरूप को कमतर दिखाना उचित नहीं है। कैलाश यादव ने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
शिकायत सौंपने के बाद राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने धीरेन्द्र शास्त्री पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि धीरेन्द्र शास्त्री भाजपा के संरक्षण में धार्मिक ध्रुवीकरण का एजेंडा चला रहे हैं। कथावाचक के मंच का इस्तेमाल धार्मिक भावनाओं को प्रभावित करने और समाज में विभाजन पैदा करने के लिए किया जा रहा है। यादव ने कहा कि भगवान श्रीराम और भगवान श्रीकृष्ण के बीच इस तरह की तुलना कर कथित आपत्तिजनक बयान देना सनातन धर्म और हिंदू समाज की भावनाओं को आहत करने वाला है।
उन्होंने कहा कि इस मामले में केवल माफी मांग लेना पर्याप्त नहीं है, क्योंकि धार्मिक भावनाओं को पहुंची चोट इतनी आसानी से खत्म नहीं हो सकती। कैलाश यादव ने धीरेन्द्र शास्त्री के कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाने और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि यदि मामले में उचित कार्रवाई नहीं होती है तो वे न्याय के लिए उच्च न्यायालय तक जाने से पीछे नहीं हटेंगे।
कैलाश यादव के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब एक बजे हटिया डीएसपी नीरज कुमार और धुर्वा थाना प्रभारी अनिल तिवारी की मौजूदगी में शिकायत दी गई। उन्होंने बताया कि डीएसपी नीरज कुमार ने धुर्वा थाना को भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों और पुलिस की ओर से की जाने वाली कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अलग से की जानी बाकी है।
इस दौरान राजद जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र महतो, रामकुमार यादव, सुरेश राय, संतोष यादव, विजय सिंह, मैनेजर राय, संजय यादव, हरिद्वार यादव, अरुण कुमार और सिकंदर राय समेत कई लोग मौजूद थे।