JSSC CGL पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, नियुक्तियां रद्द करने का सरकारी आदेश खारिजBy Mid Time Bureau Fri, 06 November 2026 11:54 AM

झारखंड में JSSC CGL परीक्षा को लेकर चल रहे विवाद के बीच सफल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। झारखंड हाईकोर्ट ने CGL परीक्षा और इसके आधार पर की गई नियुक्तियों को सामूहिक रूप से रद्द करने के राज्य सरकार के आदेश को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति दीपक रोशन की अदालत ने सरकार के इस फैसले को निरस्त करते हुए सफल अभ्यर्थियों को राहत दी है। इस आदेश के बाद उन उम्मीदवारों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी नियुक्तियों पर सरकार के रद्दीकरण संबंधी निर्णय से अनिश्चितता के बादल छा गए थे।

क्या था JSSC CGL विवाद?

दरअसल, झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की CGL परीक्षा लंबे समय से कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर विवादों में थी। मामले की जांच CID को सौंपी गई थी। जांच और अभ्यर्थियों के विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्य सरकार ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया के साथ इसके आधार पर हुई नियुक्तियों को भी रद्द करने का फैसला लिया था।

सरकार के इस निर्णय को सफल अभ्यर्थी आकाश गौरव समेत कई उम्मीदवारों ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। याचिकाकर्ताओं का तर्क था कि परीक्षा में यदि कुछ लोगों ने गड़बड़ी की है, तो उसकी सजा उन सभी उम्मीदवारों को नहीं मिलनी चाहिए, जिन्होंने निष्पक्ष तरीके से परीक्षा पास की है।

पूरी परीक्षा रद्द करने के फैसले पर उठे सवाल

अदालत में अभ्यर्थियों की ओर से दलील दी गई कि CID की जांच में कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की गई है। ऐसे में कथित अनियमितताओं में शामिल लोगों और मेहनत के दम पर सफल हुए उम्मीदवारों के बीच अंतर किया जा सकता है। याचिकाकर्ताओं ने कहा कि कुछ लोगों की गलती के लिए हजारों अभ्यर्थियों का भविष्य दांव पर लगाना उचित नहीं है।

वहीं, राज्य सरकार ने अपना पक्ष रखते हुए अदालत में सीलबंद जांच रिपोर्ट पेश की थी। सरकार की ओर से परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों और चयन प्रक्रिया में खामियों का हवाला दिया गया था। सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रश्नपत्र लीक होने से जुड़े ठोस और आधिकारिक सबूतों को लेकर भी सवाल उठाए थे।

अब हाईकोर्ट ने सरकार के सामूहिक रद्दीकरण के आदेश को निरस्त कर दिया है। इस फैसले से पहले से चयनित और नियुक्ति प्राप्त अभ्यर्थियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है।

CID जांच जारी रहेगी, विस्तृत आदेश का इंतजार

हाईकोर्ट के फैसले के बाद भी JSSC CGL से जुड़े कथित घोटाले की CID जांच जारी रहेगी। यानी परीक्षा में अनियमितताओं के आरोपों की जांच और दोषियों की पहचान की प्रक्रिया पर इस फैसले से रोक नहीं लगी है।

हालांकि, अदालत के विस्तृत आदेश की प्रति सामने आना अभी बाकी है। विस्तृत आदेश से अदालत की टिप्पणियों और फैसले के कानूनी प्रभाव को लेकर स्थिति और स्पष्ट होगी।

फिलहाल हाईकोर्ट के इस फैसले को उन सफल अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, जो लंबे समय से अपनी नियुक्तियों और भविष्य को लेकर असमंजस में थे।