
Ranchi: रांची के पिथोरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। झारखंड की आदिवासी नेत्री निशा भगत ने कथित तौर पर खुदकुशी कर ली है। बताया जा रहा है कि घटना से पहले वह मानसिक तनाव और लगातार हो रही बदनामी से परेशान थीं। आत्मघाती कदम उठाने से पहले उन्होंने पिथोरिया थाना प्रभारी को फोन भी किया था। इसके बाद सोशल मीडिया पर लाइव आकर अपनी जिंदगी खत्म करने की बात कही। घटना की सूचना मिलने पर उन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
निशा भगत के आखिरी लाइव वीडियो में उनका दर्द और परेशानी साफ दिखाई दे रही है। वह रोते हुए कह रही थीं कि मुश्किल वक्त में उनके साथ कोई खड़ा नहीं है और लंबे समय से वह अकेले ही संघर्ष कर रही हैं। इस दौरान उन्होंने अपने माता-पिता का भी जिक्र किया और कहा कि उनके इस कदम से उन्हें गहरा दुख पहुंचेगा। लाइव वीडियो में खुद को दलाल कहे जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई। उनका आरोप था कि लगातार उनकी छवि खराब की जा रही है और इस संबंध में शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। लाइव के दौरान उन्होंने JMM, BJP और ईसा-मूसा का भी जिक्र किया।
बता दें कि निशा भगत झारखंड में आदिवासी अधिकारों और सरना धर्म से जुड़े मुद्दों पर काफी सक्रिय रही थीं। वह केंद्रीय सरना समिति की उपाध्यक्ष के तौर पर भी काम कर चुकी थीं। सरना धर्म कोड, धर्मांतरण और आदिवासी हितों से जुड़े कई आंदोलनों में उनकी भागीदारी रही थी। दिसंबर 2025 में सरना धर्म कोड की मांग को लेकर राजभवन के सामने हुए प्रदर्शन के दौरान उन्होंने अपने बाल मुंडवाकर विरोध जताया था, जिसके बाद वह काफी चर्चा में आई थीं।
वहीं, 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में निशा भगत ने गुमला विधानसभा सीट से झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा यानी JLKM के टिकट पर चुनाव लड़ा था। रिम्स परिसर में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध को लेकर भी वह सुर्खियों में रही थीं।
फिलहाल उनकी मौत के बाद आखिरी लाइव वीडियो और उसमें लगाए गए आरोपों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम की परिस्थितियों और शिकायतों पर हुई कार्रवाई को लेकर पुलिस की विस्तृत जानकारी का इंतजार है।