
रांची: सरला बिरला पब्लिक स्कूल, रांची में दीपावली का त्योहार पूरे उत्साह और पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में एक सप्ताह तक विभिन्न सांस्कृतिक, रचनात्मक और मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रमों के जरिए विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति, पारंपरिक कलाओं और त्योहारों से जुड़े सामाजिक एवं नैतिक मूल्यों से परिचित कराया गया।
इस विशेष आयोजन का उद्देश्य बच्चों की रचनात्मक क्षमता को बढ़ावा देने के साथ उनमें सहयोग, संवेदनशीलता, उदारता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना था।
दीपावली महोत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने कई तरह की कलात्मक गतिविधियों में हिस्सा लिया। बच्चों ने पारंपरिक रंगोली बनाने के साथ टेक रंगोली के जरिए कला और आधुनिक तकनीक का अनूठा मेल प्रस्तुत किया।
इसके अलावा टेराकोटा पेंटिंग, पॉट पेंटिंग, लालटेन निर्माण, लिप्पन कला और दीप बनाने जैसी गतिविधियां भी आयोजित की गईं। विद्यार्थियों ने अपनी कल्पनाशीलता का परिचय देते हुए आकर्षक हस्तनिर्मित कलाकृतियां तैयार कीं। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को पारंपरिक शिल्पकला और पर्यावरण के अनुकूल तरीके से त्योहार मनाने का संदेश दिया गया।
पुष्प सज्जा प्रतियोगिता में भी विद्यार्थियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। फूलों के अलग-अलग रंगों और बनावटों का इस्तेमाल कर बच्चों ने सुंदर सजावटी प्रस्तुतियां तैयार कीं।
महोत्सव में फायरलेस कुकिंग गतिविधि भी आयोजित की गई। इसमें विद्यार्थियों ने बिना आग के इस्तेमाल के विभिन्न व्यंजन तैयार किए। इस गतिविधि के जरिए बच्चों को स्वच्छता, पौष्टिक भोजन और सामूहिक रूप से काम करने का महत्व समझाया गया।
वहीं, पूर्व-प्राथमिक कक्षाओं के छोटे बच्चों ने अपनी विशेष प्रस्तुति से कार्यक्रम में आकर्षण बढ़ाया। बच्चों ने आपसी तालमेल के साथ खुद को दीपक की आकृति में व्यवस्थित किया। इस प्रस्तुति के माध्यम से एकता, सहयोग और सामूहिकता का संदेश दिया गया।
विद्यार्थियों को दीपावली और छठ महापर्व के धार्मिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व की जानकारी देने के लिए विशेष वीडियो दिखाए गए। इनके माध्यम से दोनों त्योहारों से जुड़ी परंपराओं, रीति-रिवाजों और पौराणिक मान्यताओं को समझाया गया।
विद्यालय में आयोजित मुख्य समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने नृत्य, गीत और नाटक की प्रस्तुतियां दीं। इन कार्यक्रमों में दीपावली से जुड़ी कथाओं और परंपराओं को दर्शाया गया। प्रस्तुतियों के जरिए अंधकार पर प्रकाश, बुराई पर अच्छाई और अज्ञान पर ज्ञान की जीत का संदेश दिया गया।
दीपावली के अवसर पर विद्यालय के विद्यार्थियों ने सामाजिक जिम्मेदारी निभाते हुए दूसरे स्कूलों के बच्चों के साथ भी त्योहार की खुशियां साझा कीं। इसके तहत राजकीयकृत उत्क्रमित मध्य विद्यालय, आरा और महिलॉंग, रांची के विद्यार्थियों को पुस्तकें, कॉपियां, पेंसिल बॉक्स और अन्य जरूरी लेखन सामग्री वितरित की गई।
इस पहल का उद्देश्य बच्चों में दूसरों की मदद करने, जरूरतमंदों के प्रति संवेदनशील रहने और समाज के साथ जुड़कर खुशियां बांटने की भावना विकसित करना था।
इसके अलावा विद्यालय के डिस्प्ले बोर्डों को भी दीपावली की थीम पर सजाया गया। इनमें रंगीन चित्रों, पारंपरिक प्रतीकों और प्रेरणादायक संदेशों के माध्यम से भारतीय संस्कृति और त्योहारों के महत्व को प्रदर्शित किया गया।
विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती मनीषा शर्मा ने कार्यक्रम में विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी और शिक्षकों के सामूहिक प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि त्योहार केवल मनोरंजन और खुशियां मनाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये अपनी सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ने और मानवीय संबंधों को मजबूत करने का अवसर भी देते हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों को पर्यावरण के प्रति जागरूक रहते हुए त्योहार मनाने तथा करुणा, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे मूल्यों को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय प्रबंधन के अनुसार, इस पूरे आयोजन में सांस्कृतिक शिक्षा, रचनात्मकता, अनुभव आधारित सीखने और सामाजिक सरोकारों का समावेश देखने को मिला। विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों को त्योहारों के वास्तविक अर्थ और उनसे जुड़े जीवन मूल्यों को समझने का अवसर मिला।

