
मुंबई- अभिनेत्री और टेलीविजन प्रस्तोता मंदिरा बेदी ने कृतज्ञता के भाव के साथ 21 दिन की मन्नत ली है, जिसके तहत वह हर दिन गुरुद्वारे जा रही हैं, चाहे उनका कार्यक्रम कितना ही व्यस्त क्यों न हो।
इस मन्नत की खास बात यह है कि यह किसी तय समय या सख्त दिनचर्या से जुड़ी नहीं है। मंदिरा इसे किसी निर्धारित कार्य की तरह नहीं निभा रहीं, बल्कि उनका उद्देश्य सिर्फ इतना है कि हर दिन गुरुद्वारे पहुंचना सुनिश्चित हो, चाहे दिन कितना भी व्यस्त क्यों न दिखे।
अपने विचार साझा करते हुए मंदिरा ने कहा, “मैंने 2026 की शुरुआत कृतज्ञता के भाव से करने के लिए 21 दिन की मन्नत ली है, जिसमें हर दिन गुरुद्वारे जाना शामिल है। इसका कोई तय समय नहीं है। अहम बात सिर्फ यह है कि हर दिन वहां पहुंचा जाए।”
उन्होंने आगे बताया, “काम के सिलसिले में यात्रा के दौरान भी, जैसे उदयपुर में, जहां मैं दो इवेंट्स के बीच गुरुद्वारे गई, यह चुनौतीपूर्ण था, लेकिन मैंने अपना वादा निभाया। अब तक यह अनुभव बेहद खूबसूरत रहा है और इसने मुझे खुश और संतुलित रखा है।”
मंदिरा बेदी को 1994 में दूरदर्शन पर प्रसारित टीवी शो शांति में मुख्य भूमिका निभाकर पहचान मिली थी। वर्ष 2019 में उन्होंने फिल्म साहो में नकारात्मक किरदार भी निभाया।
वह औरत, दुश्मन और क्योंकि सास भी कभी बहू थी जैसे कई लोकप्रिय हिंदी टीवी धारावाहिकों में नजर आ चुकी हैं। इसके बाद उन्होंने 2003 और 2007 के आईसीसी क्रिकेट वर्ल्ड कप, 2004 और 2006 की चैंपियंस ट्रॉफी तथा इंडियन प्रीमियर लीग की मेजबानी भी की।
2025 में वह बड़े पर्दे पर मलयालम भाषा की एक्शन थ्रिलर फिल्म आइडेंटिटी में नजर आईं, जिसमें टोविनो थॉमस, तृषा कृष्णन और विनय राय मुख्य भूमिकाओं में थे।
छोटे पर्दे पर उन्हें ओटीटी सीरीज़ द रेलवे मेन: द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ भोपाल 1984 में देखा गया, जो 1984 की भोपाल गैस त्रासदी के दौरान रेलवे कर्मचारियों द्वारा बचाई गई जिंदगियों पर आधारित एक ऐतिहासिक थ्रिलर है। इस सीरीज़ में आर. माधवन, केके मेनन, दिव्येंदु, बाबिल खान और जूही चावला भी प्रमुख भूमिकाओं में हैं।
With inputs from IANS