‘दिल धड़कने दो’ की नीलम मेहरा ने दिखाया भावनात्मक भूख का दर्द: शेफाली शाहBy Admin Tue, 09 June 2026 03:34 PM

मुंबई। अभिनेत्री शेफाली शाह ने अपनी चर्चित फिल्म ‘दिल धड़कने दो’ के किरदार नीलम मेहरा का जिक्र करते हुए महिलाओं में भावनात्मक कारणों से होने वाले खाने (इमोशनल ईटिंग) की समस्या पर संवेदनशील विचार साझा किए हैं। उनका कहना है कि कई बार भोजन केवल भूख मिटाने का साधन नहीं होता, बल्कि दर्द, अपमान और अकेलेपन से जूझ रहे लोगों के लिए सहारा बन जाता है।

शेफाली ने इंस्टाग्राम पर फिल्म का एक भावुक दृश्य साझा किया, जिसमें नीलम मेहरा अपने पति कमल मेहरा (अनिल कपूर) से विवाद के बाद भावनात्मक रूप से टूटकर चॉकलेट केक खाती नजर आती हैं।

इस पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा कि अधिकांश महिलाएं जीवन के किसी न किसी मोड़ पर भावनात्मक तनाव के दौरान भोजन में सुकून तलाशती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वह स्वयं भी ऐसे अनुभवों से गुजर चुकी हैं।

अभिनेत्री के अनुसार, यह दृश्य उन अनगिनत महिलाओं की कहानी बयां करता है जो बाहर से मजबूत और सलीकेदार दिखाई देती हैं, लेकिन भीतर से टूट चुकी होती हैं। जब किसी का आत्मसम्मान, सम्मान और आत्मविश्वास बार-बार आहत होता है, तब भोजन उसके लिए एक ऐसा साथी बन जाता है जो बिना किसी शर्त के उसका साथ देता है।

शेफाली ने कहा कि भोजन न तो किसी के बढ़ते वजन पर टिप्पणी करता है और न ही डाइट का दबाव बनाता है। जब लोग आलोचना करते हैं, तब वही भोजन व्यक्ति को सुरक्षा, सुकून और अपनापन महसूस कराता है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी महिला को केवल डाइट चार्ट देने या उसके वजन पर टिप्पणी करने के बजाय यह समझने की कोशिश करनी चाहिए कि आखिर उसे भोजन में सहारा क्यों ढूंढ़ना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भावनात्मक खाने के पीछे छिपे दर्द, गुस्से, असुरक्षा और आत्मसम्मान की कमी को समझना अधिक जरूरी है।

अभिनेत्री ने यह भी कहा कि कई बार किसी व्यक्ति को सलाह की नहीं, बल्कि उसकी बात सुनने, उसे समझने और उसके साथ खड़े रहने की जरूरत होती है। उन्होंने लोगों से आत्ममंथन करने का आग्रह किया कि कहीं उनके व्यवहार ने किसी को मानसिक रूप से आहत तो नहीं किया।

शेफाली के मुताबिक, उनकी फिल्मी किरदार नीलम मेहरा भी यही चाहती थी—कोई ऐसा व्यक्ति जो उसकी भावनाओं को समझे और बिना किसी निर्णय के उसकी बात सुने।

उन्होंने कहा कि आज भी कई महिलाएं दूसरों की अपेक्षाओं, अपमान और संवेदनहीनता का बोझ चुपचाप सहती हैं और उसका खामियाजा उन्हें स्वयं भुगतना पड़ता है। शेफाली ने अंत में सवाल किया कि अगर कुछ महिलाएं नीलम मेहरा जैसी हैं, तो क्या बाकी लोग कम से कम उनकी बात सुनने और उन्हें समझने की कोशिश कर सकते हैं?

ज़ोया अख्तर निर्देशित ‘दिल धड़कने दो’ में अनिल कपूर, शेफाली शाह, प्रियंका चोपड़ा, रणवीर सिंह, अनुष्का शर्मा और फरहान अख्तर ने प्रमुख भूमिकाएं निभाई थीं। यह फिल्म मेहरा परिवार की कहानी है, जो अपनी शादी की 30वीं वर्षगांठ मनाने के लिए क्रूज़ यात्रा पर निकलता है और रिश्तों की उलझनों के बीच एक-दूसरे को समझने की कोशिश करता है।

 

WIth inputs from IANS