
मुंबई: अभिनेत्री भूमि पेडनेकर इन दिनों तीन दिवसीय सिक्किम दौरे पर हैं। इस दौरान भारत-चीन सीमा क्षेत्र का दौरा करने के बाद उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों के प्रति गहरा सम्मान और आभार व्यक्त किया। भूमि ने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए जवान जो त्याग और समर्पण करते हैं, उसके मुकाबले आम नागरिक उनके लिए बहुत कम कर पाते हैं।
मीडिया से बातचीत में भूमि ने खुद को बेहद देशभक्त बताते हुए कहा कि सीमा क्षेत्र की यात्रा उनके लिए एक भावनात्मक और गर्व से भरा अनुभव रहा।
उन्होंने कहा, “मैं बहुत देशभक्त इंसान हूं। बॉर्डर जाने को लेकर काफी उत्साहित थी। वहां जाकर एहसास होता है कि हमारे सशस्त्र बल हमारे लिए कितना कुछ करते हैं, जबकि हम नागरिक उनके लिए उतना कुछ नहीं कर पाते।”
भूमि ने बताया कि सीमा पर तैनात अधिकारियों से बातचीत और वहां के इतिहास के बारे में जानने के बाद उनका सम्मान और बढ़ गया।
उन्होंने कहा, “जब भी मुझे सशस्त्र बलों के किसी सदस्य से मिलने का मौका मिलता है, मैं खुद को उनका ऋणी महसूस करती हूं। बॉर्डर पर जाकर जब मैंने देखा कि सामने चीन की सीमा है, तो यह अनुभव और भी खास हो गया।”
अभिनेत्री ने सीमा क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता का जिक्र करते हुए कहा कि वहां का मौसम बेहद ठंडा था, लेकिन नजारे मनमोहक थे।
उन्होंने कहा, “वहां बहुत ठंड थी, लेकिन जगह बेहद खूबसूरत थी। उस माहौल में खड़े होकर मुझे अपने देश और उसकी सुरक्षा व्यवस्था पर बेहद गर्व महसूस हुआ।”
वर्क फ्रंट की बात करें तो भूमि पेडनेकर आखिरी बार फिल्म ‘मेरे हसबैंड की बीवी’ में नजर आई थीं। मुदस्सर अजीज के निर्देशन में बनी इस फिल्म में अर्जुन कपूर और रकुल प्रीत सिंह भी अहम भूमिकाओं में थे।
भूमि ने अपने करियर की शुरुआत यशराज फिल्म्स में सहायक कास्टिंग डायरेक्टर के तौर पर की थी। इसके बाद उन्होंने 2015 में रिलीज हुई फिल्म ‘दम लगा के हईशा’ से अभिनय की दुनिया में कदम रखा।
अपने करियर में वह ‘टॉयलेट: एक प्रेम कथा’, ‘शुभ मंगल सावधान’, ‘बाला’, ‘पति पत्नी और वो’, ‘सांड की आंख’, ‘बधाई दो’, ‘भक्षक’ और वेब सीरीज ‘दलदल’ जैसी कई चर्चित परियोजनाओं का हिस्सा रह चुकी हैं।
WIth inputs from IANS