




चंडीगढ: NEET-UG 2026 री-एग्जाम के प्रश्नपत्रों की सुरक्षित ढुलाई की जिम्मेदारी भारतीय वायुसेना (IAF) को सौंपे जाने के बाद छात्रों ने सरकार की नई सुरक्षा व्यवस्था की सराहना की है। हालांकि उनका कहना है कि पिछली बार हुई पेपर लीक की घटना ने उनके भरोसे को गहरी चोट पहुंचाई है, इसलिए इस बार पूरी तरह निश्चिंत होना आसान नहीं है।
एक छात्र ने कहा कि इस बार सरकार ने लगभग हर स्तर पर सख्त इंतजाम किए हैं। प्रश्नपत्र तैयार करने वाले विशेषज्ञों को क्वारंटीन किया गया है, पेपरों की ढुलाई वायुसेना कर रही है और उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखा जा रहा है, जिससे पेपर लीक की संभावना काफी कम हो गई है। लेकिन उसने यह भी कहा कि पहले हुई लापरवाही से छात्रों को जो मानसिक तनाव और नुकसान हुआ, उसकी भरपाई संभव नहीं है। छात्रों को दोबारा परीक्षा की तैयारी करनी पड़ी और पूरे सिस्टम पर उनका भरोसा कमजोर हुआ। उसके अनुसार, ये सभी इंतजाम पहले ही किए जाने चाहिए थे।

एक अन्य छात्र ने बताया कि वह पिछले ढाई वर्षों से NEET की तैयारी कर रहा है। नौ महीने पहले ही उसका पूरा सिलेबस खत्म हो चुका था और तब से वह लगातार वही विषय दोहराता आ रहा है। उसने कहा कि एक समय के बाद लगातार रिवीजन करना मानसिक रूप से थका देता है। इसके अलावा परीक्षा के स्तर को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। छात्र ने कहा, "एक बार सिस्टम हमें निराश कर चुका है, इसलिए अब उस पर पूरी तरह भरोसा करना मुश्किल है।"
प्रोफेसर मनीष गोयल ने कहा कि री-एग्जाम को लेकर छात्रों में अभी भी काफी तनाव है। उन्होंने बताया कि एक छात्र ने उनसे कहा कि उसे अब भी यकीन नहीं हो रहा कि उसे फिर से परीक्षा देनी पड़ेगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि किसी छात्र ने पिछली परीक्षा में 697 अंक हासिल किए थे, तो वह दोबारा उसी दबाव से गुजरना नहीं चाहेगा। अब उसके मन में यही चिंता रहेगी कि क्या वह री-टेस्ट में पहले जैसा प्रदर्शन दोहरा पाएगा।
हालांकि प्रोफेसर गोयल ने यह भी माना कि इस बार प्रशासन ने पेपर लीक की लगभग सभी संभावित आशंकाओं को खत्म करने की कोशिश की है। उनके अनुसार, पिछली बार लीक का संबंध अनुवाद प्रक्रिया से जुड़े लोगों से बताया गया था, लेकिन इस बार उन सभी संबंधित लोगों को क्वारंटीन कर दिया गया है, जिससे संभावित कमजोर कड़ियों को भी बंद कर दिया गया है।


गौरतलब है कि 21 जून को होने वाले NEET-UG 2026 री-टेस्ट के लिए भारतीय वायुसेना ने देशभर के 18 स्थानों तक प्रश्नपत्र सुरक्षित पहुंचा दिए हैं। परीक्षा को पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) और अन्य सरकारी एजेंसियों ने बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है।
प्रश्नपत्रों के परिवहन और वितरण की निगरानी के लिए सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और कानून-व्यवस्था से जुड़े अधिकारियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील परीक्षा केंद्रों पर अतिरिक्त निगरानी रखी जाएगी और किसी भी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए विशेष मॉनिटरिंग व्यवस्था की गई है।
21 जून को आयोजित होने वाला यह री-टेस्ट उन अभ्यर्थियों के लिए है, जो पिछली परीक्षा के दौरान सामने आई अनियमितताओं से प्रभावित हुए थे। NEET-UG देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है और इसी के आधार पर स्नातक मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला दिया जाता है।
With inputs from IANS
