
मुंबई। अभिनेत्री मनीषा कोइराला ने अपनी फिटनेस जर्नी के कठिन दौर को याद करते हुए बताया कि एक समय ऐसा भी आया, जब सख्त डाइट, नियमित वर्कआउट और पूरी मेहनत के बावजूद उन्हें कोई नतीजा नहीं दिख रहा था। इस वजह से वह इतनी निराश हो गई थीं कि रो पड़ी थीं।
मनीषा ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें वह लैट पुल-डाउन, ट्राइसेप्स ओवरहेड एक्सटेंशन, लोअर बैक एक्सटेंशन और योग जैसे वर्कआउट करती नजर आईं। इसके साथ उन्होंने अपनी फिटनेस यात्रा के दौरान खाए गए हेल्दी भोजन की तस्वीरें भी पोस्ट कीं।
उन्होंने लिखा कि कई लोग सोचते होंगे कि वह बार-बार जिम से जुड़े पोस्ट क्यों साझा करती हैं, लेकिन उनके लिए ये सिर्फ एक्सरसाइज नहीं, बल्कि अपनी जिंदगी और सेहत को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश है।
अभिनेत्री ने बताया कि व्यस्त जिंदगी, तनाव, कम नींद और बिगड़ती दिनचर्या के कारण उन्होंने धीरे-धीरे अपनी सेहत पर ध्यान देना छोड़ दिया था। जब उन्हें एहसास हुआ कि उनका शरीर पहले जैसा नहीं रहा, तो उन्होंने खुद से वादा किया कि अगली फिल्म से पहले अपनी फिटनेस को सबसे बड़ी प्राथमिकता बनाएंगी।
मनीषा ने कहा कि उन्हें लगा था कि मेहनत करने से सब कुछ ठीक हो जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने संतुलित आहार लिया, नियमित व्यायाम किया, कैलोरी और प्रोटीन का पूरा ध्यान रखा, फिर भी वजन में कोई बदलाव नजर नहीं आया।
उन्होंने बताया कि एक दिन उन्हें लगा कि शायद वजन मापने वाली मशीन ही खराब है, इसलिए उन्होंने नई मशीन खरीद ली। लेकिन दूसरी मशीन ने भी वही नतीजा दिखाया। उस समय वह बेहद निराश हो गईं और यह सोचकर रो पड़ीं कि आखिर उनका शरीर उनकी मेहनत का साथ क्यों नहीं दे रहा।
इसके बाद विशेषज्ञ डॉक्टरों और फिटनेस एक्सपर्ट्स से बातचीत के दौरान उन्हें समझ आया कि बढ़ती उम्र के साथ शरीर का व्यवहार बदल जाता है। ऐसे में खुद को सजा देने के बजाय शरीर की जरूरतों को समझना जरूरी है। उन्होंने अपनी सोच और फिटनेस का तरीका बदला, जिसका सकारात्मक असर दिखने लगा।
मनीषा ने बताया कि चार महीने बाद अब उन्हें अपनी मेहनत का परिणाम दिखाई देने लगा है। उन्होंने कहा कि वह अभी अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंची हैं, लेकिन पहले से ज्यादा मजबूत, स्वस्थ और उम्मीद से भरी हुई महसूस करती हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि उनकी फिटनेस यात्रा दिखावे के लिए नहीं, बल्कि खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से ठीक करने का माध्यम है। उन्होंने उन लोगों को भी हिम्मत न हारने की सलाह दी, जिन्हें लगातार मेहनत के बावजूद तुरंत परिणाम नहीं मिल रहे हैं। उनके अनुसार, कई बार शरीर को परफेक्शन नहीं, बल्कि धैर्य और समझ की जरूरत होती है।
With inputs from IANS