राष्ट्रीय हथकरघा दिवस से पहले दिल्ली में सजेगी हथकरघा कला की अनूठी प्रदर्शनीBy Admin Sun, 02 August 2026 08:37 PM

नई दिल्ली: 12वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उपलक्ष्य में केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय 6 से 19 अगस्त तक राजधानी दिल्ली के नेशनल क्राफ्ट्स म्यूज़ियम एवं हस्तकला अकादमी के विरासत हॉल में विशेष प्रदर्शनी 'वर्ल्ड्स विदिन क्लॉथ: न्यू ऑर्डर्स ऑफ वूवन मेकिंग' का आयोजन करेगा। प्रदर्शनी का उद्घाटन 6 अगस्त को विकास आयुक्त (हथकरघा) द्वारा किया जाएगा।

यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक आम लोगों के लिए खुली रहेगी। मंत्रालय ने नागरिकों से इस आयोजन में शामिल होकर भारतीय हथकरघा परंपरा और आधुनिक वस्त्र कला के अनूठे संगम को देखने की अपील की है।

क्यूरेटर श्रेयांसी सिंह के निर्देशन में आयोजित इस प्रदर्शनी में समकालीन टेक्सटाइल कलाकारों, डिजाइनरों और शिल्प समूहों की रचनात्मक कृतियां प्रदर्शित की जाएंगी। शोध-आधारित कलाकृतियों, कलाकार-कारीगर सहयोग और आकर्षक इंस्टॉलेशन के माध्यम से यह प्रदर्शनी वस्त्र निर्माण की सामाजिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पृष्ठभूमि को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत करेगी। साथ ही पारंपरिक हथकरघा शिल्प में नवाचार और प्रयोगधर्मिता को भी प्रमुखता से दर्शाया जाएगा।

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उद्घाटन समारोह में वस्त्र मंत्रालय की सचिव नीलम शमी राव मुख्य अतिथि होंगी। इस अवसर पर हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।

प्रदर्शनी में Aadyam Handwoven, Abraham & Thakore, Astha Butail, Boito, Chanakya School, Coonoor & Co., Jagrity Phukan, Jayeeta Chatterjee, Kardo, Morii, Neeraj Patel, Porgai Artisans Association, Shradha Kochhar, Shrujan, Studio Medium, Ujjal Dey और 23 N 69 E सहित कई प्रतिष्ठित कलाकारों, डिजाइनरों और शिल्प संस्थाओं की कृतियां प्रदर्शित होंगी। इन रचनाओं के माध्यम से भारतीय हथकरघा विरासत को आधुनिक सोच, सहयोग और नवाचार के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।

वस्त्र मंत्रालय के अनुसार, इस प्रदर्शनी का उद्देश्य वस्त्रों को केवल पहनावे तक सीमित न रखकर उन्हें ज्ञान, सांस्कृतिक स्मृति और रचनात्मक अभिव्यक्ति के माध्यम के रूप में स्थापित करना है। साथ ही यह आयोजन पहचान, सतत विकास, समुदाय और भौतिक संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद को भी बढ़ावा देगा। पारंपरिक शिल्पकला और समकालीन कला के मेल को समर्पित यह प्रदर्शनी भारतीय हथकरघा की समृद्ध विरासत को नए आयामों में प्रस्तुत करेगी।

 

With inputs from IANS