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ब्रिटिश अभिनेत्री जमीला जमील ने बोटॉक्स और कॉस्मेटिक इंजेक्शन के बढ़ते चलन पर सवाल उठाते हुए कहा है कि उन्हें ऐसे चेहरे याद आते हैं, जिन पर भावनाएं साफ नजर आती थीं और जो हंसने, मुस्कुराने या गुस्सा होने पर स्वाभाविक रूप से बदलते थे।
जमीला ने इंस्टाग्राम पर एक लंबी पोस्ट साझा करते हुए चेहरे की भाव-भंगिमाओं और भावनात्मक अभिव्यक्ति पर कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं के प्रभाव पर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि चेहरे का जरूरत से ज्यादा स्थिर या भावहीन दिखाई देना भावनाओं की स्वाभाविक अभिव्यक्ति को प्रभावित कर सकता है।
उन्होंने लिखा, "मैं अब बोटॉक्स वाले चेहरों को नहीं देख सकती। मुझे वे चेहरे याद आते हैं जो भावनाओं के साथ बदलते थे। मुझे महिलाओं का भौंहें सिकोड़ना और इस तरह हंसना याद आता है, जिसमें दर्द महसूस न हो।"
अपने उम्र के चालीसवें दशक में होने का जिक्र करते हुए जमीला ने कहा कि उनके आसपास की कई महिलाएं कॉस्मेटिक इंजेक्शन का इस्तेमाल कर रही हैं और उन्हें लगता है कि इससे चेहरे की स्वाभाविक अभिव्यक्ति कम हो रही है।
उन्होंने लिखा, "मेरी उम्र की महिलाएं अपने चेहरे से सारी उन्मुक्तता निकाल रही हैं और मुझे उसकी कमी महसूस होती है। बहुत ज्यादा।" हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि उनका उद्देश्य किसी को आंकना या ठेस पहुंचाना नहीं है और वह केवल महिलाओं के चेहरे की स्वाभाविक अभिव्यक्ति की आजादी को याद कर रही हैं।
बोटॉक्स को "एक ऐसी कैद" बताते हुए अभिनेत्री ने महिलाओं पर सामाजिक दबाव को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब महिलाओं को अपनी आवाज बुलंद करनी चाहिए, उनके चेहरे की भाव-भंगिमाओं को सीमित करना उचित नहीं है।
जमीला ने स्क्रीन पर कलाकारों की बदलती चेहरे की अभिव्यक्ति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अब टेलीविजन देखते समय वह अपने पसंदीदा कलाकारों के भावहीन चेहरों से विचलित हो जाती हैं।
उन्होंने लिखा, "भावना शक्ति है।"
अपनी पोस्ट के साथ साझा किए गए संदेश में जमीला ने कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बीच भी एक संबंध बताया। उन्होंने दावा किया कि स्थिर और एक जैसे दिखने वाले चेहरे भविष्य में पर्दे और ऑनलाइन माध्यमों पर महिलाओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता से दोहराना आसान बना सकते हैं।
उन्होंने लिखा कि वह इसे एक ऐसी प्रवृत्ति के रूप में देखती हैं, जिसमें एक भावहीन चेहरे को दोहराना आसान हो जाता है और यह प्रक्रिया पहले से ही शुरू हो चुकी है।
जमीला जमील ने अपने करियर की शुरुआत 2009 में टी4 कार्यक्रम के तहत एक पॉप-संस्कृति कार्यक्रम की मेजबानी से की थी और 2012 तक इससे जुड़ी रहीं। इसके बाद उन्होंने रेडियो प्रस्तोता के रूप में काम किया और स्कॉट मिल्स के साथ ‘द ऑफिशियल चार्ट अपडेट’ की सह-मेजबानी की।
उन्हें सबसे अधिक लोकप्रियता फंतासी-कॉमेडी श्रृंखला ‘द गुड प्लेस’ में ताहानी अल-जमील की भूमिका से मिली।