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दो बार की ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज मनु भाकर और शॉटपुट स्टार तजिंदरपाल सिंह तूर को शनिवार को होने वाले एशियाई खेलों के उद्घाटन समारोह में भारत का ध्वजवाहक चुना गया है। दोनों खिलाड़ी एशियाई खेलों में भारत के मजबूत पदक दावेदारों में शामिल हैं और उद्घाटन समारोह में देश के दल का नेतृत्व करेंगे।
उद्घाटन समारोह जापान के पालोमा मिजुहो स्टेडियम में भारतीय समयानुसार दोपहर 2:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक आयोजित किया जाएगा। भारत के 500 से अधिक खिलाड़ी एशियाई खेलों के 20वें संस्करण में 37 खेलों में चुनौती पेश करेंगे। प्रतियोगिताएं 4 अक्टूबर तक चलेंगी।
मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक में इतिहास रचा था। वह स्वतंत्रता के बाद एक ही ओलंपिक में दो पदक जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया था। इसके अलावा, हांगझोउ एशियाई खेलों में वह स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय महिला 25 मीटर पिस्टल टीम का हिस्सा थीं।
दूसरी ओर, तजिंदरपाल सिंह तूर एशियाई खेलों में पुरुषों के शॉटपुट के दो बार के मौजूदा चैंपियन हैं। वह हांगझोउ से पहले जकार्ता 2018 में भी स्वर्ण पदक जीत चुके हैं और अब लगातार तीसरी बार एशियाई खेलों का खिताब हासिल करने के लक्ष्य के साथ उतरेंगे।
एशियाई खेल एशिया की सबसे बड़ी बहु-खेल प्रतियोगिता हैं और हर चार साल में आयोजित किए जाते हैं। इनका आयोजन ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया (ओसीए) करता है। इस बार 45 देश और क्षेत्र 43 खेलों में हिस्सा लेंगे। जापान तीसरी बार इन खेलों की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले टोक्यो ने 1958 और हिरोशिमा ने 1994 में एशियाई खेलों की मेजबानी की थी।
भारत की नजरें हांगझोउ 2023 के अपने रिकॉर्ड प्रदर्शन को और बेहतर करने पर हैं। भारत ने पिछले संस्करण में कुल 107 पदक जीते थे, जिनमें 28 स्वर्ण पदक शामिल थे।
भारतीय दल में कई ऐसे खिलाड़ी हैं जिनसे पदक की उम्मीदें जुड़ी हैं। क्रिकेट और कबड्डी में भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें मौजूदा चैंपियन हैं, जबकि पुरुष हॉकी टीम भी गत चैंपियन के रूप में मैदान में उतरेगी।
बैडमिंटन में पीवी सिंधु भारतीय अभियान की अगुवाई करेंगी, जबकि भारोत्तोलन में मीराबाई चानू पर निगाहें रहेंगी। निशानेबाजी में मनु भाकर भारत की प्रमुख पदक उम्मीदों में शामिल होंगी। कुश्ती में अमन सहरावत और मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन भारतीय चुनौती को मजबूती देंगी।
एथलेटिक्स में भारत के 75 से अधिक ट्रैक एवं फील्ड एथलीट हिस्सा लेंगे। गुलवीर सिंह, तेजस्विन शंकर, मुरली श्रीशंकर, ज्योति याराजी और पारुल चौधरी जैसे एथलीट पदक की उम्मीदों को मजबूत करेंगे। शॉटपुट में तजिंदरपाल सिंह तूर के प्रदर्शन पर विशेष नजर रहेगी।
इन एशियाई खेलों का महत्व केवल महाद्वीपीय पदकों तक सीमित नहीं है। तीरंदाजी, नौकायन, स्क्वैश, सर्फिंग और टेनिस सहित कुछ खेलों में ओलंपिक कोटा भी उपलब्ध हैं, जिससे भारतीय खिलाड़ियों के लिए यह प्रतियोगिता आगे के अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करने का अहम मंच बन सकती है।