
नई दिल्ली: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को पेश किए गए केंद्रीय बजट 2026-27 में स्पष्ट किया कि आयकर दरों और स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है। सरकार ने नई आयकर व्यवस्था को ही जारी रखने का निर्णय लिया है, जिससे करदाताओं को स्थिर और सरल कर प्रणाली का लाभ मिलता रहेगा।
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि वैश्विक आर्थिक चुनौतियों के बीच कर नीति में स्थिरता बनाए रखना जरूरी है, ताकि आम करदाताओं और व्यवसायों को स्पष्टता और भरोसा मिल सके।
आयकर नीति के प्रमुख बिंदु
आयकर स्लैब में कोई बदलाव नहीं—पुरानी और नई दोनों व्यवस्थाएं यथावत।
नई आयकर व्यवस्था डिफॉल्ट विकल्प के रूप में जारी रहेगी।
नई व्यवस्था के तहत मिलने वाली मानक कटौती और छूट में कोई परिवर्तन नहीं।
मध्यम वर्ग पर कोई अतिरिक्त कर बोझ नहीं डाला गया।
सरकार का जोर सरल और पारदर्शी कर व्यवस्था पर।
करदाताओं को नीतिगत स्थिरता का भरोसा।
डिजिटल और फेसलेस टैक्स सिस्टम को और मजबूत किया जाएगा।
कोई नया सेस या सरचार्ज नहीं लगाया गया।
कर दरें बढ़ाने के बजाय बेहतर अनुपालन से कर आधार बढ़ाने पर ध्यान।
आयकर नीति वित्तीय अनुशासन और आर्थिक विकास के लक्ष्य के अनुरूप।
वित्त मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य स्वैच्छिक कर अनुपालन को बढ़ावा देना और करदाताओं के साथ गैर-विरोधात्मक रवैया अपनाना है। आयकर में किसी बदलाव के बिना यह बजट करदाताओं को निरंतरता और स्पष्टता का संदेश देता है।