
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जिसे सरकार ने विकास, समावेशन और भविष्य की तैयारी का बजट बताया है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं, महंगाई के दबाव और रोजगार की चुनौती के बीच पेश इस बजट में सरकार ने आम आदमी को राहत, बुनियादी ढांचे में निवेश, और डिजिटल व हरित अर्थव्यवस्था को गति देने पर विशेष जोर दिया है।
🔹 आर्थिक पृष्ठभूमि
वित्त मंत्री ने अपने बजट भाषण में कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बुनियाद पर आगे बढ़ रही है। सरकार का लक्ष्य अगले दशक में भारत को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में ले जाना है। इसके लिए पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure) में बढ़ोतरी, निजी निवेश को प्रोत्साहन और रोजगार सृजन को केंद्र में रखा गया है।
🔹 आम आदमी को राहत
बजट 2026-27 में जीवनरक्षक दवाइयों, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन एनर्जी उपकरणों और इलेक्ट्रिक वाहनों से जुड़े सामान को सस्ता करने की घोषणा की गई है। इससे मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग को सीधी राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, तंबाकू और नशे से जुड़े उत्पादों को महंगा कर सरकार ने स्वास्थ्य के प्रति सख्त संदेश दिया है।
🔹 इंफ्रास्ट्रक्चर और रेलवे
इस बजट में रेलवे और सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर को आर्थिक विकास की रीढ़ बताया गया है। सात नए हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, नए फ्रेट कॉरिडोर, स्टेशन पुनर्विकास और आधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम के जरिए रेलवे को भविष्य-तैयार बनाने की योजना है। इससे न सिर्फ यात्रा आसान होगी, बल्कि लॉजिस्टिक्स लागत कम होकर उद्योगों को भी फायदा मिलेगा।
🔹 किसान और ग्रामीण भारत
कृषि क्षेत्र के लिए बजट में सिंचाई, भंडारण, एग्री-लॉजिस्टिक्स और डिजिटल एग्री प्लेटफॉर्म पर ध्यान दिया गया है। किसानों की आय बढ़ाने के लिए मूल्य संवर्धन (Value Addition) और कृषि-आधारित उद्योगों को प्रोत्साहन देने की बात कही गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली और इंटरनेट कनेक्टिविटी को मजबूत करने का भी रोडमैप पेश किया गया।
🔹 युवा और रोजगार
सरकार ने युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप्स, और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने की घोषणा की है। ‘मेक इन इंडिया’ और ‘स्टार्टअप इंडिया’ के तहत MSME सेक्टर को आसान ऋण और तकनीकी सहायता दी जाएगी। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
🔹 महिलाएं और सामाजिक क्षेत्र
महिलाओं के लिए बजट में स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं को प्राथमिकता दी गई है। स्वयं सहायता समूहों (SHG) को सशक्त बनाने और महिलाओं की आर्थिक भागीदारी बढ़ाने के लिए अतिरिक्त फंडिंग का प्रावधान किया गया है।
🔹 शिक्षा और स्वास्थ्य
शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल लर्निंग, AI-आधारित शिक्षा मॉडल और उच्च शिक्षा संस्थानों के विस्तार पर जोर दिया गया है। स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकारी अस्पतालों के आधुनिकीकरण, मेडिकल रिसर्च और किफायती इलाज को बढ़ावा देने की योजना है।
🔹 ग्रीन और डिजिटल भारत
बजट 2026-27 में ग्रीन एनर्जी, सोलर, EV, और कार्बन न्यूट्रलिटी की दिशा में बड़े कदमों की घोषणा की गई है। डिजिटल इंडिया के तहत AI, सेमीकंडक्टर और डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर में निवेश बढ़ाया गया है।
🔹 निष्कर्ष
कुल मिलाकर, केंद्रीय बजट 2026-27 को विकासोन्मुख, संतुलित और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखने वाला बजट माना जा रहा है। जहां एक ओर आम आदमी को राहत देने की कोशिश की गई है, वहीं दूसरी ओर दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती के लिए ठोस आधार तैयार करने का प्रयास दिखता है।
📌 केंद्रीय बजट 2026-27: 50 प्रमुख बिंदु (Salient Points)