रक्षा मंत्रालय ने फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के 3.25 लाख करोड़ रुपये के सौदे को दी मंजूरीBy Admin Thu, 12 February 2026 03:18 PM

नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को भारतीय वायुसेना के लिए फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने के 3.25 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार इस प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है।

यह मंजूरी रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) की बैठक में दी गई, जिसमें इस कार्यक्रम को ‘स्वीकृति की आवश्यकता’ (Acceptance of Necessity - AoN) प्रदान की गई।

यह मंजूरी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की आगामी भारत यात्रा से पहले दी गई है। रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति के बाद इस सौदे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की अंतिम मंजूरी भी लेनी होगी।

प्रस्ताव के अनुसार भारत फ्रांसीसी रक्षा कंपनी डसॉल्ट एविएशन से 18 राफेल लड़ाकू विमान सीधे खरीदेगा, जबकि शेष 96 विमान भारत में ही बनाए जाएंगे। इनमें कुछ विमान दो सीट वाले होंगे, जिनका उपयोग प्रशिक्षण के लिए किया जाएगा। इस सौदे में अत्याधुनिक लड़ाकू विमान तकनीक का हस्तांतरण और रणनीतिक साझेदारी शामिल है, जिससे ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम को भी बढ़ावा मिलेगा।

भारतीय वायुसेना के पास पहले से ही 36 राफेल विमान मौजूद हैं, जो दो स्क्वाड्रन में शामिल हैं। इनमें ‘सी’ वेरिएंट की आखिरी डिलीवरी दिसंबर 2024 में हुई थी। इसके अलावा भारतीय नौसेना के लिए 63,000 करोड़ रुपये की लागत से 26 राफेल ‘एम’ वेरिएंट विमान भी ऑर्डर किए गए हैं। इन विमानों का संचालन विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस विक्रमादित्य से किया जाएगा।

इस नौसैनिक सौदे में बेड़े के रखरखाव, लॉजिस्टिक्स सपोर्ट और कर्मियों के प्रशिक्षण के लिए एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर और ओवरहॉल) समझौता भी शामिल है।

पिछले साल मई में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में राफेल विमानों का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया गया था। इन विमानों से एससीएएलपी एयर-लॉन्च क्रूज मिसाइल दागी गई थी, जो 250 किलोमीटर से अधिक दूरी पर स्थित मजबूत लक्ष्यों को बेहद सटीकता से निशाना बना सकती है।

राफेल विमान मीटियोर लंबी दूरी की हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल, हैमर स्टैंड-ऑफ स्ट्राइक हथियार और स्पेक्ट्रा उन्नत इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम के साथ अत्याधुनिक रडार और टारगेटिंग सिस्टम से लैस हैं।

पिछले साल जून में फ्रांस और भारत ने डसॉल्ट एविएशन और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड के बीच चार महत्वपूर्ण उत्पादन हस्तांतरण समझौतों की घोषणा भी की थी, जिससे भारत को राफेल विमानों की आपूर्ति तेज होने की उम्मीद है।

टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स हैदराबाद में अत्याधुनिक उत्पादन सुविधा स्थापित करेगी, जहां राफेल विमान के प्रमुख संरचनात्मक हिस्सों का निर्माण किया जाएगा। इसमें रियर फ्यूजलेज के साइड शेल, पूरा पिछला भाग, केंद्रीय फ्यूजलेज और फ्रंट सेक्शन शामिल होंगे।

बताया जा रहा है कि इस उत्पादन इकाई से पहला फ्यूजलेज सेगमेंट वर्ष 2028 में तैयार होकर बाहर आएगा।

 

With inputs from IANS