फाइनली नीतीश दिल्ली शिफ्ट, बिहार का कौन होगा सम्राट ?By Admin Fri, 10 April 2026 04:42 PM

ज्ञान रंजन 
रांची। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार फाइनली दिल्ली शिफ्ट हो गए। शुक्रवार को उन्होंने बतौर राज्यसभा सांसद शपथ भी ग्रहण कर लिया है। अब बिहार के लिए सबसे बाद यक्ष प्रश्न यह है कि जिस प्रदेश का पिछले दो दशक से ज्यादा समय से नीतीश कुमार नेतृत्व कर रहे थे, उस प्रदेश का नया सम्राट कौन होगा? बिहार के राजनीतिक गलियारे मे इस विषय पर चर्चा आम है। हर चौक-चौराहे, गली-मुहल्ले, गाँव- शहर मे यही चर्चा है कि बिहार का नया सम्राट कौन होगा? क्या नीतीश के साथ बिहार मे छोटे भाई की लगातार भूमिका निभा रहे भाजपा से मुख्यमंत्री होगा या फिर जदयू का कोई नया चाल देखने को मिलेगा। यह बात यहाँ इसलिए काही जा रही है कि दिल्ली मे नीतीश कुमार के शपथ लेने के बाद उनके सबसे वफादार मंत्री विजय कुमार चौधरी ने जो बयान दिया है वही संशय खड़ा कर रहा है। वैसे जब से नीतीश कुमार के दिल्ली पलायन की बात आई है तब से बिहार के नए मुख्यमंत्री के रूप मे भाजपा नेता और सूबे के उप-मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी का नाम सबसे आगे चल रहा है।लेकिन दूसरे उप मुख्यमंत्री विजय चौधरी का भी नाम  चर्चा मे बना हुआ है। इस सबके बीच बड़ा सवाल यह है कि क्या जदयू मुख्यमंत्री का पद भाजपा को दे रहा है या बिहार की राजनीति मे और कुछ नया खेला देखने को मिलेगा। 
बिहार की राजनीति हमेशा से एक बिसात की तरह रही है, जहां अगले कदम का अंदाजा लगाना बड़े-बड़े दिग्गजों के लिए भी मुश्किल होता है। इन दिनों पर "बिहार का अगला सीएम कौन होगा?" इस विषय पर तरह-तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।  भाजपा के वरिष्ठ नेता और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम सीएम पद की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। सम्राट चौधरी को बीजेपी में आक्रामक चेहरा माना जाता है और पार्टी इनके माध्यम से लव-कुश समीकरण को साधने की कोशिश कर सकती है। भाजपा के वरिष्ठ नेता नित्यानंद राय इन दिनों केंद्रीय राजनीति में सक्रिय हैं और वो अमित शाह के काफी करीबी माने जाते हैं। भाजपा नित्यानंद राय के जरिए यादव वोटों में सेंधमारी का बड़ा दांव खेल सकती हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिन्हा राज्य में सवर्ण मतदाताओं के बीच मजबूत पकड़ रखने वाले नेता माने जाते हैं। पार्टी विजय कुमार सिन्हा के माध्यम से सवर्ण मतदाताओं को साधने की कोशिश कर सकती है।
 क्या श्रेयसी सिंह 'डार्क हॉर्स' साबित होगी

बिहार सरकार की मंत्री श्रेयसी सिंह भी सीएम पद की दौड़ में शामिल हैं। चर्चा है कि युवा और महिला नेता होने के कारण श्रेयसी सिंह बीजेपी के लिए 'डार्क हॉर्स' साबित हो सकती हैं। यह भी बताया जा रहा है कि पार्टी आलकमान ने उन्हें आज ही दिल्ली भी तलब किया है। इनके अलावा पूर्व उपमुख्यमंत्री रेणु सिंह, संजय जायसवाल, मंगल पांडे, संजीव चौरसिया, जनक राम का भी नाम अगले मुख्यमंत्री के रूप मे देखा जा रहा है। 
ललन सिंह का मंदिर-मंदिर दौरा 
बिहार मे नए सरकार के गठन को लेकर जहां दिल्ली मे भाजपा कोर  कमिटी की बैठक होगी और पटना मे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए नेताओं के साथ बैठक करेंगे वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के सबसे नजदीकी ललन सिंह मंदिरों का दौरा करने का कार्यक्रम बनाया है। केन्द्रीय मंत्री ललन सिंह का जो कार्यक्रम जारी हुआ है उसके हिसाब से शनिवार को वह वाराणसी के काल भैरव मंदिर और काशी विश्वनाथ मंदिर मे पूजा अर्चना करेंगे। रविवार को श्री सिंह मत विंध्यवासिनी का दर्शन कर सड़क मार्ग से पटना लौटेंगे। वैसे व्यक्ति जो पूजा-पाठ करते उतने नहीं देखे जाते थे अचानक खरमास मे मंदिर मंदिर जाने का कार्यक्रम क्यों बना लिया। जब नीतीश कुमार शपथ ग्रहण कर पटना लौट रहे हैं तो ललन सिंह उनके साथ क्यों नहीं लौट रहे हैं। ललन सिंह को हमेशा नीतीश कुमार के साये के तौर पर साथ ही देखा जाता था। ललन सिंह के इस कार्यक्रम के बाद चर्चा यह भी है कि कहीं नीतीश अपना उतराधिकारी ललन सिंह को तो नहीं बना रहे हैं। बहरहाल यह बिहार की राजनीति है यहाँ कान क्या हो इसका आकलन आसानी से होता तब तो कोई बात ही नहीं थी। वैसे भी नीतीश कुमार की राजनीति को समझना सबके बूते की बात नहीं है।