गांधी मैदान में NDA का शक्ति प्रदर्शन, 32 नेताओं ने ली मंत्री पद की शपथBy Admin Thu, 07 May 2026 12:39 PM

Bihar Cabinet Expansion 2026: बिहार की राजनीति में गुरुवार का दिन बेहद अहम साबित हुआ, जब मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का बहुप्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार आखिरकार पूरा हो गया। राजधानी पटना के ऐतिहासिक Gandhi Maidan में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में कुल 32 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इस विस्तार के जरिए एनडीए ने साफ संकेत दिया है कि आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और राजनीतिक संतुलन साधने की पूरी कोशिश की गई है।

नई कैबिनेट में भाजपा और जेडीयू के बीच संतुलन साफ नजर आया। भाजपा कोटे से 15 नेताओं को मंत्री बनाया गया, जबकि जेडीयू के हिस्से में 13 मंत्री आए। इसके अलावा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) से 2 नेताओं को मंत्री पद मिला। वहीं हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी से एक-एक नेता को जगह दी गई।

इस मंत्रिमंडल विस्तार की सबसे बड़ी चर्चा नए चेहरों को लेकर रही। जेडीयू ने पहली बार निशांत कुमार, बुलो मंडल और श्वेता गुप्ता जैसे नेताओं पर भरोसा जताया। खासकर Nishant Kumar की एंट्री को लेकर राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से चर्चा चल रही थी। वहीं श्वेता गुप्ता को मंत्री बनाकर महिला प्रतिनिधित्व को मजबूत करने का संदेश दिया गया है।

भाजपा ने भी नए सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति के तहत मिथिलेश तिवारी, नंद किशोर राम, रामचंद्र प्रसाद और इंजीनियर शैलेंद्र जैसे नए चेहरों को मौका दिया है। पार्टी ने अलग-अलग जातीय और सामाजिक वर्गों को साधने की कोशिश की है, ताकि चुनाव से पहले अपना जनाधार और मजबूत किया जा सके।

कैबिनेट विस्तार में जातीय संतुलन पर विशेष ध्यान दिया गया। नई टीम में सबसे ज्यादा 10 मंत्री अति पिछड़ा वर्ग यानी EBC समुदाय से बनाए गए हैं। इसके अलावा OBC वर्ग से 6, दलित समाज से 7 और सवर्ण समाज से 9 नेताओं को मंत्रिमंडल में जगह मिली है। मुस्लिम समुदाय से भी एक मंत्री को शामिल कर एनडीए ने संतुलन साधने का प्रयास किया है।

महिला भागीदारी की बात करें तो सम्राट कैबिनेट में कुल 5 महिला मंत्रियों को शामिल किया गया है, जिनमें सबसे ज्यादा 3 मंत्री जेडीयू से हैं। इससे महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने का संदेश देने की कोशिश साफ दिखाई देती है।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और रक्षा मंत्री Rajnath Singh समेत एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। गांधी मैदान में हजारों समर्थकों की भारी भीड़ देखने को मिली और पूरे आयोजन को एनडीए के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा गया।

अब इस कैबिनेट विस्तार के बाद नई सरकार के सामने विकास योजनाओं को जमीन पर उतारने और राजनीतिक संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी। लेकिन इतना तय है कि एनडीए ने इस विस्तार के जरिए बिहार की राजनीति में चुनावी रणनीति का स्पष्ट संकेत दे दिया है।