
चेन्नई: अभिनेता से नेता बने Vijay ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर राज्य की राजनीति में नया इतिहास रच दिया। इसके साथ ही राज्य में करीब छह दशकों से जारी Dravida Munnetra Kazhagam (DMK) और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) के सत्ता वर्चस्व का अंत हो गया।
Rajendra Vishwanath Arlekar ने चेन्नई के Jawaharlal Nehru Indoor Stadium में आयोजित भव्य समारोह में विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण की।
समारोह में कई राष्ट्रीय और क्षेत्रीय नेताओं के साथ Rahul Gandhi, फिल्म जगत की हस्तियां, पार्टी कार्यकर्ता और हजारों समर्थक मौजूद रहे। भारी भीड़ को देखते हुए पूरे इलाके में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे।
समारोह में विजय के माता-पिता, फिल्म निर्माता S. A. Chandrasekhar और Shobha Chandrasekhar के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। अभिनेत्री Trisha Krishnan और उनकी मां की मौजूदगी भी चर्चा का केंद्र रही।
Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) के नेतृत्व वाले गठबंधन को 234 सदस्यीय विधानसभा में 120 विधायकों का समर्थन मिला, जो सरकार बनाने के लिए जरूरी 118 के आंकड़े से अधिक है। हालांकि चुनाव में TVK सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, लेकिन उसे पूर्ण बहुमत नहीं मिला था।
राजनीतिक असमंजस शनिवार शाम खत्म हुआ, जब Viduthalai Chiruthaigal Katchi (VCK) और Indian Union Muslim League (IUML) ने विजय के नेतृत्व वाले गठबंधन को समर्थन देने का ऐलान किया। इससे पहले Indian National Congress, Communist Party of India और Communist Party of India (Marxist) भी समर्थन दे चुके थे।
समर्थन हासिल करने के बाद विजय ने शनिवार रात राज्यपाल आर्लेकर से मुलाकात कर सहयोगी दलों के समर्थन पत्र सौंपे थे। इसके बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया और 13 मई तक विधानसभा में विश्वास मत हासिल करने को कहा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 1967 के बाद पहली बार तमिलनाडु में किसी गैर-द्रविड़ दल की सरकार बनी है, जिसे राज्य की राजनीति में बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
With inputs from IANS