
गुवाहाटी: असम की राजनीति में मंगलवार, 12 मई 2026 का दिन ऐतिहासिक बन गया, जब हिमंता बिस्वा सरमा ने लगातार दूसरी बार राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। सुबह 11:40 बजे शुरू हुए इस समारोह में हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समर्थक और विभिन्न राज्यों से पहुंचे अतिथि मौजूद रहे।
हिमंता बिस्वा सरमा के साथ नई मंत्रिपरिषद के चार अन्य मंत्रियों ने भी शपथ ग्रहण किया।अजंता नियोग ने मंत्री पद की शपथ ग्रहण की, जबकि चरण बोरो ने भी मंत्री के रूप में शपथ ली। इसके अलावा अतुल बोरा और रामेश्वर तेली ने भी असम सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। शपथ समारोह को भाजपा और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखा गया, क्योंकि कार्यक्रम में देश की राजनीति के कई बड़े चेहरे शामिल हुए।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उनके साथ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इसके अलावा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई भाजपा और NDA शासित राज्यों के मुख्यमंत्री एवं उपमुख्यमंत्री भी समारोह में शामिल हुए।
गुवाहाटी में आयोजित इस कार्यक्रम के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शहर के कई इलाकों में ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया था और कार्यक्रम स्थल पर हजारों सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। समारोह स्थल को विशेष रूप से सजाया गया था और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
असम विधानसभा चुनाव 2026 में NDA ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 सदस्यीय विधानसभा में कुल 102 सीटों पर जीत दर्ज की। इनमें भारतीय जनता पार्टी को अकेले 82 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दलों ने भी महत्वपूर्ण प्रदर्शन किया। विपक्ष इस चुनाव में बेहद कमजोर नजर आया और कांग्रेस समेत अन्य दल अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर सके।
इस जीत के साथ असम में NDA सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल शुरू हो गया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जनादेश राज्य में भाजपा के मजबूत संगठन और हिमंता बिस्वा सरमा की नेतृत्व क्षमता पर जनता के भरोसे को दर्शाता है।
लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर हिमंता बिस्वा सरमा ने राज्य की राजनीति में एक नया इतिहास भी रच दिया है। इससे पहले राज्य की राजनीति में लंबे समय तक कांग्रेस का वर्चस्व रहा था।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, असम में भाजपा की लगातार सफलता का असर पूरे पूर्वोत्तर की राजनीति पर भी दिखाई दे सकता है। आने वाले समय में NDA इस जीत को क्षेत्रीय राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ के संकेत के रूप में पेश कर सकता है।