BIG BREAKING : जानिए कौन है NEET-UG 2026 पेपर लीक का मास्टरमाइंड ? कौन है मनीष यादव और राकेश मंडावरिया? By Admin Tue, 12 May 2026 01:16 PM

NEW DELHI: देश की सबसे बड़ी मेडिकल की परीक्षा नीट में कथित पेपर लीक मामले ने एक बार फिर देश की शिक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। सवाल यह है कि आखिर कैसे देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा का प्रश्न पत्र बार-बार लीक  हो रहा है इससे भी बाद सवाल यह है कि आखिर कौन है नीट पेपर लीक मामले का मास्टरमाइंड। सवाल यह भी है कि आखिर कैसे इस मास्टरमाइंड को यह पता चला कि प्रश्न पत्र राजस्थान मे तैयार हो रहा है। कौन है मनीष यादव जिसे पेपर लीक का मास्टरमाइंड माना जा रहा है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, मनीष यादव इस पूरे नेटवर्क का मुख्य आरोपी माना जा रहा है। आरोप है कि उसने परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र को लीक कराने और चुनिंदा अभ्यर्थियों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। मामले के सामने आने के बाद छात्रों, अभिभावकों और शिक्षा विशेषज्ञों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इस मामले मे अबतक 45 लोगों को हिरासत मे लिया गया है।  इससे पहले  राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आईबी से मिले इनपुट के बाद देहरादून, सीकर और झुंझुनूं से 13 संदिग्धों को हिरासत में लिया है. इस दौरान सीकर के नामी कोचिंग संस्थान से जुड़े करियर काउंसलर भी शामिल हैं.  इनके पास से 300 प्रश्नों का एक गेस पेपर मिला है जिसमें नीट परीक्षा में पूछे गए 300 में से 140 सवाल हूबहू मिल रहे है. एसओजी को सीकर के एक कोचिंग के पास इस तरह के गेस पेपर होने की शिकायत मिली थी जिसके बाद कोचिंग के कैरियर काउंसिलर को गिरफ्तार किया गया है. यह जानकारी सामने आने के बाद से एसओजी सतर्क हो गई है. हालांकि, यह आधिकारिक तौर पर पेपर लीक है या नहीं इसका अंतिम फैसला एक्सपर्ट्स और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फैसले के बाद लिया जाएगा. हिरासत में लिए गए लोगों में सीकर का राकेश मंडावरिया मुख्य कड़ी माना जा रहा है, जिसकी निशानदेही पर देहरादून से भी संदिग्धों को पकड़ा गया है
कई राज्यों मे फ़ाइल हुआ है नेटवर्क 
प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि पेपर लीक का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था। बिहार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में पुलिस तथा विशेष जांच टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। कुछ संदिग्धों से पूछताछ के दौरान महत्वपूर्ण डिजिटल सबूत और दस्तावेज मिलने की भी खबर है। जांच एजेंसियां मोबाइल कॉल रिकॉर्ड, चैट और वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने जांच की जिम्मेदारी Central Bureau of Investigation को सौंप दी है। CBI अब पूरे रैकेट की तह तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि पेपर लीक में कौन-कौन लोग शामिल थे और किस स्तर तक यह नेटवर्क सक्रिय था। इस विवाद के बाद National Testing Agency की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठे हैं। लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है और वे अब नई परीक्षा तिथियों की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं। सरकार ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली को अधिक सुरक्षित बनाने का भरोसा दिया है।
आखिर कौन है राकेश मंडावरिया?
जांच एजेंसियों के मुताबिक राकेश मंडावरिया राजस्थान के सीकर जिले में पिपराली रोड पर एसके कंसल्‍टेंसी (SK Consultancy)नाम से एक संस्थान चलाता है. SOG को शक है कि इसी नेटवर्क के जरिए कथित प्रश्न बैंक छात्रों और कोचिंग सर्किल तक पहुंचा.सूत्रों के अनुसार मंडावरिया के पास अप्रैल महीने में ही यह कथित प्रश्न बैंक पहुंच गया था. जांच में यह भी सामने आया है कि सीकर से ही इस दस्तावेज की PDF कॉपी आगे छात्रों तक भेजी गई. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर यह सामग्री कहां से आई और किन लोगों तक पहुंचाई गई.
सीकर कैसे बना पूरे मामले का सबसे बड़ा लिंक?
राजस्थान का सीकर लंबे समय से NEET और JEE कोचिंग हब माना जाता है. हजारों छात्र यहां मेडिकल और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी करते हैं. अब SOG की जांच में यही जिला पूरे विवाद का केंद्र बनता दिख रहा है.जांच एजेंसियों के मुताबिक सीकर से यह कथित गेस पेपर चूरू, झुंझुनूं और यहां तक कि उत्तराखंड के देहरादून तक पहुंचा. कई जगह छात्रों को इसकी प्रिंटेड कॉपी भी बांटी गई थी. पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल थे और कितने पैसों का लेनदेन हुआ? जांच में यह भी सामने आया है कि चूरू का एक छात्र जो इस समय केरल के मेडिकल कॉलेज में MBBS की पढ़ाई कर रहा है उसे सीकर से इस कथित प्रश्न बैंक की PDF भेजी गई थी.पुलिस को शक है कि इसके बाद यह सामग्री WhatsApp ग्रुप्स और निजी चैनलों के जरिए तेजी से फैली. कई चैट रिकॉर्ड में Forwarded Many Times का टैग भी मिला है, जिससे बड़े स्तर पर प्रसार की आशंका बढ़ गई है. राजस्थान पुलिस के ADG विशाल बंसल के मुताबिक जांच फिलहाल करीब 410 सवालों वाले एक गेस पेपर पर केंद्रित है. आरोप है कि इनमें से करीब 120 सवाल असली NEET परीक्षा से काफी मिलते-जुलते थे.विशाल बंसल ने कहा कि खासतौर पर बायोलॉजी और केमिस्ट्री सेक्शन के कई सवालों में स्ट्राइकिंग सिमिलैरिटी देखी गई है. कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि इन सवालों के जरिए करीब 600 अंकों तक का फायदा मिल सकता था हालांकि पुलिस और NTA दोनों ने अब तक आधिकारिक तौर पर इसे पेपर लीक नहीं कहा है. जांच एजेंसियां अभी यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या इस गेस पेपर के आधार पर कोई संगठित चीटिंग या आपराधिक गतिविधि हुई थी.