
तिरुवनंतपुरम। Enforcement Directorate (ED) की छापेमारी के बाद बुधवार को केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम में तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ Communist Party of India (Marxist) नेता Pinarayi Vijayan के किराये के आवास के बाहर कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने ईडी अधिकारियों के काफिले पर हमला कर दिया।
हमले में ईडी टीम के साथ चल रहे तीन वाहनों में तोड़फोड़ की गई। घटना में केंद्रीय सुरक्षा बल के जवान, वाहन चालक और कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, छापेमारी खत्म होने के बाद जैसे ही ईडी अधिकारियों का काफिला वहां से निकलने लगा, पहले से जुटे सीपीआई(एम) कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने रास्ता रोक लिया। आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने डंडों और पत्थरों से वाहनों के शीशे तोड़ दिए।
घटना के दौरान मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी शुरुआती समय में मूकदर्शक बने रहे। हमले में एक चालक की आंख में कांच के टुकड़े लगने से चोट आई, जबकि दूसरे चालक को भी घायल होने की सूचना है। स्थिति संभालने की कोशिश में कुछ पुलिसकर्मियों को भी मामूली चोटें आईं।
हंगामे के बावजूद ईडी अधिकारी किसी तरह वहां से निकलने में सफल रहे और बाद में स्थानीय थाने पहुंचकर घटना को लेकर बयान दर्ज कराया।
काफिले के वहां से निकलने के बाद पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और हिंसा में शामिल प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेना शुरू किया। बताया जा रहा है कि कई सीपीआई(एम) कार्यकर्ता गिरफ्तारी से बचने के लिए पास के पार्टी कार्यालय में घुस गए, जिसके बाद पुलिस ने कार्यालय को घेर लिया।
यह पूरी घटना कई वरिष्ठ सीपीआई(एम) नेताओं की मौजूदगी में हुई, जो छापेमारी के दौरान आवास के बाहर मौजूद थे।
घटना के बाद राज्य की राजनीति में तनाव और बढ़ गया है। मामला कथित CMRL-Exalogic वित्तीय लेनदेन जांच से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसकी जांच ईडी कर रही है।
इस हिंसा ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। घटनास्थल से सामने आए वीडियो में कथित तौर पर पुलिसकर्मी वाहनों में तोड़फोड़ के दौरान तुरंत हस्तक्षेप करते नजर नहीं आए।
With inputs from IANS