
RANCHI : झारखंड में 18 जून को राज्यसभा के लिए 2 सीटों पर होनेवाले चुनाव को लेकर भाजपा संजीदा है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के समक्ष चुनाव को लेकर रणनीति बनेगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन 5 जून को दो दिवसीय दौरे पर रांची आ रहे हैं। इस दौरान वह पार्टी के पदाधिकारियों और कओर कमिटी के सदस्यों के साथ मीटिंग करेंगे। साथ ही 6 जून को वह मण्डल पदाधिकारियों के सम्मेलन में भी शामिल होंगे। प्रदेश भाजपा ने राज्यसभा चुनाव में एक सीट पर प्रत्याशी देने का ऐलान पहले ही कर रखा है, लेकिन चुनाव जीतने के लिए जो जादुई आंकड़ा है वह भाजपा के पास नहीं है। भाजपा की चुनाव लड़ने की घोषणा के साथ ही झारखंड का राजनीतिक तापमान बढ़ा हुआ है। सत्ताधारी गठबंधन ने इसको लेकर भाजपा पर लगातार वार करना शुरू कर दिया है। झामुमो के केन्द्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्या ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग की आशंका तक जताई है। इधर भाजपा में कौन प्रत्याशी होगा इसपर अभी तक संसय कायम है। पहले पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा का नाम सामने आ रहा था लेकिन मिड टाइम से बातचीत में अर्जुन मुंडा ने चुनाव लड़ने से साफ इनकार कर दिया है। एक नाम निशा उरांव का भी आ रहा है। निशा उरांव ने इस बात को स्वीकार किया है कि भाजपा उनसे राज्यसभा चुनाव लड़ने के लिए बोल रही थी। अब कौन होगा प्रत्याशी इसपर फैसला 5 जून को ही राष्ट्रीय अध्यक्ष करेंगे।
भाजपा के पास नहीं है जीत का जादुई आंकड़ा
गौरतलब है कि झारखंड भाजपा की चुनाव प्रबंध समिति की बैठक में राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारने का फैसला हो चुका है। लेकिन भाजपा के पास राज्यसभा चुनाव की जीत का जादुई आंकड़ा नहीं है। भाजपा के 21 विधायक हैं और सहयोगी दलों को मिलाकर कुल 24 विधायक हैं। राज्यसभा की एक सीट के लिए न्यूनतम 28 विधायकों का प्रथम वरीयता मत चाहिए। लेकिन भाजपा को उम्मीद है कि वह चुनाव में जरूरी आंकड़ा जुटा लेगी। भारतीय जनता पार्टी को सत्तापक्ष के कुछ विधायकों की अंतर्रात्मा की आवाज पर यकीन है। जेडीयू के खीरू महतो ने भी कहा कि सत्तापक्ष का कोई तो विधायक होगा जो केंद्र की मोदी सरकार की नीतियों से प्रभावित होगा और जिसे उम्मीद होगी कि झारखंड में कभी एनडीए की सरकार बनी तो बेहतर मौका बनेगा।