दिल्ली एयरपोर्ट पर स्विस विमान के इंजन फेल होने की जांच में बड़ा खुलासा, टर्बाइन और कंप्रेसर में मिला गंभीर नुकसानBy Admin Sun, 31 May 2026 02:35 PM

नई दिल्ली। दिल्ली के Indira Gandhi International Airport पर अप्रैल में स्विस इंटरनेशनल एयर लाइंस के विमान के इंजन फेल होने की घटना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में इंजन के भीतर व्यापक क्षति का खुलासा हुआ है। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) ने रविवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट जारी करते हुए बताया कि इंजन के टर्बाइन, कंप्रेसर और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों में गंभीर नुकसान पाया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, 26 अप्रैल को नई दिल्ली से ज्यूरिख जा रही Swiss International Air Lines की फ्लाइट LX147 को टेक-ऑफ के दौरान इंजन फेल होने के कारण उड़ान रद्द करनी पड़ी थी। एयरबस A330-343 विमान में उस समय 232 यात्री और 13 क्रू सदस्य सहित कुल 245 लोग सवार थे।

जांच में सामने आया कि विमान के बाएं इंजन (इंजन नंबर-1) में लगभग 106 नॉट्स की गति पर खराबी आई, जिसके बाद पायलटों ने तत्काल टेक-ऑफ रोकने का फैसला किया। क्रू ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल को स्थिति की जानकारी दी और आपातकालीन सहायता मांगी। पायलटों ने बाद में बताया कि उन्हें एक जोरदार धमाके की आवाज सुनाई दी और बाएं इंजन से बड़ी लपटें निकलती दिखाई दीं।

घटना के दौरान विमान रनवे पर बाईं ओर मुड़ने लगा, लेकिन पायलटों ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए उसे सुरक्षित रूप से रोक लिया। इसके बाद एयरपोर्ट पर पूर्ण आपातकाल घोषित कर दिया गया और बचाव कार्य के लिए सभी सात आपातकालीन द्वार खोल दिए गए। इस घटना में चार यात्रियों सहित कुल छह लोग घायल हुए थे।

AAIB की जांच टीम ने इंजन की प्रारंभिक जांच में एग्जॉस्ट सेक्शन में धातु के छोटे-छोटे कण और मलबा पाया। साथ ही, हाई-प्रेशर और इंटरमीडिएट-प्रेशर बेयरिंग सपोर्ट से जुड़े बोल्ट और स्पेसर टूटे हुए मिले। इंजन के हाई-प्रेशर ब्लीड वाल्व भी मलबे से आंशिक रूप से अवरुद्ध पाए गए।

बोरोस्कोप निरीक्षण के दौरान इंजन के कोर हिस्से में हाई-प्रेशर टर्बाइन ब्लेड, नोजल गाइड वेन, इंटरमीडिएट-प्रेशर टर्बाइन ब्लेड, लो-प्रेशर टर्बाइन ब्लेड और हाई-प्रेशर कंप्रेसर ब्लेड में क्षति दर्ज की गई। जांचकर्ताओं ने यह भी पाया कि हाई-प्रेशर और इंटरमीडिएट-प्रेशर शाफ्ट जाम हो चुके थे, जिसके कारण इंजन के कुछ हिस्सों की पूरी तरह जांच नहीं हो सकी।

हालांकि, इंटरमीडिएट-प्रेशर कंप्रेसर (IPC) में किसी बाहरी टक्कर या ब्लेड के मुड़ने के संकेत नहीं मिले, लेकिन उसका शाफ्ट भी जाम पाया गया।

जांच के तहत विमान के फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर (SSFDR) और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (SSCVR) को निकालकर विस्तृत विश्लेषण के लिए भेजा गया है। विशेषज्ञ अब फ्लाइट डेटा, क्रू रिकॉर्ड और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहे हैं ताकि इंजन फेल होने की असली वजह का पता लगाया जा सके।

इस जांच में फ्रांस की Bureau of Enquiry and Analysis for Aviation Safety (BEA), विमान निर्माता Airbus और European Union Aviation Safety Agency (EASA) भी सहयोग कर रहे हैं। AAIB ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक सुरक्षा संबंधी सिफारिशें जारी की जा सकती हैं।
 

 

With inputs from IANS