
नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में नीति आयोग (NITI Aayog) की 11वीं गवर्निंग काउंसिल बैठक की बैठक शुरू हो गई है। बैठक में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी शामिल हुए हैं। इस वर्ष बैठक की थीम “विकसित भारत @2047 के लिए समावेशी मानव विकास” रखी गई है। बैठक में देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्री, उपराज्यपाल, केंद्रीय मंत्री और नीति आयोग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
मानव विकास पर रहेगा विशेष फोकस
सरकारी बयान के अनुसार बैठक का उद्देश्य ऐसा विकास मॉडल तैयार करना है, जिसमें देश के हर नागरिक को समान अवसर मिल सके। इसमें उम्र, क्षेत्र, लिंग और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि की परवाह किए बिना समावेशी विकास सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। बैठक में चार प्रमुख स्तंभों पर चर्चा होगी—
• भविष्य के लिए तैयार कौशल और मानव पूंजी
• उत्पादक रोजगार और उद्यमिता
• स्वास्थ्य, पोषण और कल्याण
• समानता, सम्मान और सामाजिक समावेशन

रोजगार और स्किलिंग पर बनेगी रणनीति
बैठक में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर, कौशल विकास कार्यक्रम, स्टार्टअप और उद्यमिता को बढ़ावा देने के उपायों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी जोर रहेगा।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा आधारित शासन पर चर्चा
नीति आयोग की बैठक में डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), ई-गवर्नेंस, डेटा आधारित नीति निर्माण, साझेदारी मॉडल और जवाबदेही बढ़ाने के लिए एक संरचित निगरानी तंत्र पर भी विचार किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य अल्पकालिक, मध्यम अवधि और दीर्घकालिक परिणामों को मापने योग्य बनाना है, ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंच सके।
राज्यों की प्राथमिकताओं को मिलेगा मंच
बैठक में विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री अपने-अपने राज्यों की विकास प्राथमिकताओं और चुनौतियों को भी सामने रखेंगे। माना जा रहा है कि कई राज्य केंद्र से वित्तीय सहायता, आधारभूत संरचना परियोजनाओं और सामाजिक योजनाओं के लिए अतिरिक्त सहयोग की मांग कर सकते हैं।
मुख्य सचिव सम्मेलन की सिफारिशों पर भी चर्चा
बैठक में दिसंबर 2025 में आयोजित मुख्य सचिवों के पांचवें राष्ट्रीय सम्मेलन की सिफारिशों पर भी विचार होगा। इनमें—प्रारंभिक बाल शिक्षा,स्कूली शिक्षा सुधार, भविष्य उन्मुख कौशल विकास, उच्च शिक्षा और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था, खेल और सह-पाठ्यक्रम गतिविधियां जैसे विषय शामिल हैं।
झारखंड के लिए अहम मानी जा रही बैठक
नीति आयोग की यह बैठक झारखंड के लिए काफी अहम मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बैठक में शामिल होने के लिए नीति आयोग के उपाध्यक्ष की ओर से अलग से औपचारिक निमंत्रण भी भेजा गया है।राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस बैठक को झारखंड के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उम्मीद है कि मुख्यमंत्री राज्य के विकास, आधारभूत संरचना, मानव संसाधन विकास, शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और निवेश से जुड़े मुद्दों को राष्ट्रीय मंच पर प्रभावी ढंग से रखेंगे।नीति आयोग की यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब केंद्र और राज्य सरकारें ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को लेकर विभिन्न स्तरों पर योजनाएं तैयार कर रही हैं। ऐसे में बैठक से निकलने वाले सुझाव और फैसले आने वाले वर्षों की विकास नीति को दिशा दे सकते हैं।