
नई दिल्ली: कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा। शीर्ष अदालत ने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए उनके नामांकन पत्र को खारिज किए जाने के मामले में हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया और उन्हें चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाने की सलाह दी।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यदि किसी उम्मीदवार का नामांकन पत्र रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा खारिज कर दिया जाता है, तो चुनाव कानून के तहत उसके पास उपलब्ध वैधानिक उपाय चुनाव आयोग के समक्ष अपील करना है। इसी आधार पर अदालत ने राहत देने से इनकार करते हुए याचिका का निपटारा कर दिया।
मीनाक्षी नटराजन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता Abhishek Manu Singhvi ने अदालत में दलील दी कि नामांकन खारिज करने का फैसला कानूनी रूप से टिकाऊ नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस तेलंगाना मामले का हवाला देकर नामांकन रद्द किया गया, वह चुनावी कानून के तहत अनिवार्य खुलासे की श्रेणी में नहीं आता।
सिंघवी ने तर्क दिया कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम और नामांकन के साथ दाखिल किए जाने वाले फॉर्म-26 के तहत केवल उन्हीं मामलों का खुलासा करना जरूरी होता है, जिनमें सक्षम अदालत आरोप तय कर चुकी हो या किसी अपराध का संज्ञान ले चुकी हो। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के मामले में इनमें से कोई भी शर्त पूरी नहीं होती।
उन्होंने अदालत को बताया कि तेलंगाना का मामला महज एक निजी शिकायत पर आधारित है, जिसमें किसी अदालत ने अब तक संज्ञान नहीं लिया है। इसके अलावा, शिकायत में जिस घटना का जिक्र है, वह नटराजन को तेलंगाना कांग्रेस का प्रभारी नियुक्त किए जाने से लगभग तीन वर्ष पहले की बताई गई है। ऐसे में उन्हें उस मामले से जोड़ना कानूनी रूप से उचित नहीं है।
हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह विवाद मूल रूप से रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले से जुड़ा है और चुनावी प्रक्रिया के तहत इसका उचित मंच चुनाव आयोग है।
अदालत ने कहा, “याचिकाकर्ता चुनाव आयोग के समक्ष फिर से जा सकते हैं।”
यह मामला मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट को लेकर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच सामने आया है। नटराजन का नामांकन खारिज होने के बाद कांग्रेस और भाजपा के बीच तीखी राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई थी। कांग्रेस ने प्रक्रिया में अनियमितताओं और चुनावी तंत्र के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे।
उधर, नामांकन वापस लेने की समय-सीमा गुरुवार को समाप्त होने के बाद भाजपा के तीनों उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिए गए।
With inputs from IANS