पीएम मोदी से मिले परिमल नाथवानी, राजनीतिक सरगर्मी तेजBy Admin Fri, 12 June 2026 05:57 PM

RANCHI : राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद झारखंड में एक बार फिर राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। हालांकि कहा यह जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच यह एक शिष्टाचार मुलाकत थी। लेकिन जब राज्यसभा चुनाव का मौसम चल रहा हो तो इसे महज शिष्टाचार मुलाकात नहीं कहा जा सकता। नई दिल्ली स्थित प्रधानमंत्री आवास में हुई इस मुलाकात को लेकर विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं. हालांकि आधिकारिक तौर पर मुलाकात के एजेंडे को लेकर कोई विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन राज्यसभा चुनाव के ठीक पहले हुई यह बैठक राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस दौरान परिमल नाथवानी के पुत्र धनराज नाथवानी भी मौजूद थे. झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सभी दल अपने-अपने स्तर पर रणनीति बनाने में जुटे हुए हैं. ऐसे समय में प्रधानमंत्री से हुई यह मुलाकात राजनीतिक पर्यवेक्षकों का ध्यान आकर्षित कर रही है.
जानकारी के अनुसार परिमल नाथवानी ने दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात की. बैठक के दौरान विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है, हालांकि दोनों नेताओं की ओर से मुलाकात को लेकर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राज्यसभा चुनाव के माहौल में इस तरह की मुलाकातें स्वाभाविक रूप से चर्चा का विषय बन जाती हैं. खासकर तब, जब चुनाव की तारीख नजदीक हो और राजनीतिक दल अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए सक्रिय हों.
झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं. 18 जून को होने वाले मतदान से पहले सभी उम्मीदवार अपने समर्थन को मजबूत करने में जुटे हैं. परिमल नाथवानी को भाजपा समर्थित उम्मीदवार माना जाता है और उनकी सक्रियता भी चुनावी तैयारियों का हिस्सा मानी जा रही है. राजनीतिक जानकारों का कहना है कि चुनाव से पहले शीर्ष नेतृत्व के साथ मुलाकातें उम्मीदवारों के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होती हैं. इसी वजह से इस बैठक को भी राज्यसभा चुनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है.
16 जून को रांची पहुंचेंगे परिमल नाथवानी
सूत्रों के अनुसार परिमल नाथवानी 16 जून को रांची पहुंच सकते हैं. यहां वे दो दिनों तक रहकर चुनाव से जुड़ी तैयारियों और समर्थकों के साथ बैठकों में हिस्सा लेंगे. माना जा रहा है कि मतदान से पहले वे अपने चुनावी प्रबंधन को अंतिम रूप देंगे. झारखंड की राजनीति में राज्यसभा चुनाव हमेशा महत्वपूर्ण माना जाता है और इस बार भी राजनीतिक दलों की नजरें चुनावी समीकरणों पर टिकी हुई हैं. आने वाले दिनों में उम्मीदवारों की सक्रियता और राजनीतिक बैठकों का दौर और तेज होने की संभावना है.