दिल्ली में कृषि मंत्रियों की समीक्षा बैठक: मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने झारखंड के किसानों से जुड़े मुद्दे पर केंद्र का ध्यान आकृष्ट कराया By Admin Wed, 24 June 2026 02:28 PM







नई दिल्ली : केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित राज्यों के कृषि मंत्रियों की समीक्षा बैठक में झारखंड सरकार ने किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को मजबूती से रखा। बैठक में झारखंड की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने भाग लिया और राज्य की कृषि स्थिति से जुड़े अहम विषयों पर विस्तार से जानकारी दी।

टिड्डी हमले की आशंका पर राज्य अलर्ट

मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बताया कि संभावित टिड्डी हमले को देखते हुए झारखंड सरकार पहले से ही सतर्क है। इसके लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है और संवेदनशील जिलों की पहचान कर जरूरी तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर कृषि कार्यशालाओं के माध्यम से किसानों को जागरूक किया जा रहा है और बदलते मौसम के अनुसार खेती करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से संभावित प्रभावित किसानों के लिए राहत पैकेज उपलब्ध कराने की मांग की।

जलवायु परिवर्तन के अनुसार खेती को बढ़ावा

कृषि मंत्री ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए राज्य में जलवायु-अनुकूल खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों को मक्का और दलहन जैसी फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है ताकि मौसम की अनिश्चितता के बावजूद उनकी आय स्थिर रह सके।

इसके अलावा पशुपालन, मशरूम उत्पादन, लाख उत्पादन, मत्स्य पालन और अन्य वैकल्पिक आजीविका के साधनों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।

उर्वरक आपूर्ति का मुद्दा उठाया

बैठक में झारखंड की ओर से उर्वरक आपूर्ति का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। राज्य ने केंद्र से 3 लाख 90 हजार मीट्रिक टन उर्वरक की मांग की थी, लेकिन केवल 3 लाख 20 हजार मीट्रिक टन की स्वीकृति मिली। मंत्री ने कहा कि खेती के सीजन में किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए और उनकी जरूरत के अनुसार समय पर पर्याप्त उर्वरक उपलब्ध कराया जाना चाहिए।

मानसून में कमी से बढ़ी चिंता

बैठक में मानसून की स्थिति पर भी चर्चा हुई। भारतीय मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 17 जून तक राज्य में लगभग 74 मिमी वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन केवल 37 मिमी बारिश दर्ज की गई, यानी करीब 40 प्रतिशत की कमी। झारखंड के 248 प्रखंडों में से अधिकांश क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। हालांकि मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश में सुधार की संभावना जताई है, जिससे किसानों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

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