पेपर लीक के बाद महाराष्ट्र टीईटी 2026 परीक्षा रद्द, थाणे में छापेमारी के बाद बड़ा खुलासाBy Admin Sat, 27 June 2026 03:28 PM









मुंबई: महाराष्ट्र राज्य परीक्षा परिषद (MSCE) ने रविवार को होने वाली महाराष्ट्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (MAHA TET) 2026 को अंतिम समय में रद्द कर दिया है। यह फैसला थाणे जिले के भिवंडी में प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आने के बाद लिया गया।

राज्यभर के 1,028 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा में 4,28,122 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था। परीक्षा रद्द होने से लाखों उम्मीदवारों का भविष्य फिलहाल अनिश्चितता में पड़ गया है और अभ्यर्थियों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है।

एमएससीई के अनुसार, शनिवार तड़के खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली थी कि भिवंडी में कुछ लोगों के पास टीईटी परीक्षा का प्रश्नपत्र अवैध रूप से मौजूद है। सूचना मिलते ही भिवंडी पुलिस ने तत्काल छापेमारी की और कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर आपत्तिजनक सामग्री बरामद की।

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इसके बाद एमएससीई के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया। जांच के दौरान बरामद प्रश्नपत्रों का मिलान किया गया, जिसमें पुष्टि हुई कि संदिग्धों के पास मिले प्रश्न वास्तविक टीईटी 2026 परीक्षा के प्रश्नपत्र से पूरी तरह मेल खाते हैं।

मामले की पुष्टि होने के बाद भिवंडी पुलिस थाने में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। सुरक्षा में हुई गंभीर चूक को देखते हुए परिषद ने निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया।

शिक्षा विभाग और थाणे पुलिस ने संयुक्त रूप से उच्चस्तरीय जांच शुरू कर दी है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि पेपर लीक का मास्टरमाइंड कौन है, सुरक्षा व्यवस्था में सेंध कैसे लगी और क्या इस मामले में बोर्ड के किसी अधिकारी या प्रिंटिंग प्रेस की भूमिका रही है।

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एमएससीई ने आश्वासन दिया है कि महाराष्ट्र टीईटी 2026 की नई परीक्षा तिथि जल्द घोषित की जाएगी। परीक्षा से संबंधित सभी अपडेट और संशोधित दिशा-निर्देश परिषद की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी किए जाएंगे।

गौरतलब है कि महाराष्ट्र टीईटी राज्य के प्राथमिक (कक्षा 1 से 5) और उच्च प्राथमिक (कक्षा 6 से 8) स्कूलों में शिक्षक बनने के लिए अनिवार्य पात्रता परीक्षा है।

परीक्षा रद्द होने से कई अभ्यर्थियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा, क्योंकि वे पहले ही अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच चुके थे। इस घटना के बाद उम्मीदवारों ने पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की है।

 

With inputs from IANS

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