नागालैंड आईईडी विस्फोट: शहीद असम राइफल्स जवान को श्रद्धांजलि, हमलावरों की तलाश में बड़े पैमाने पर अभियान जारीBy Admin Tue, 14 July 2026 03:18 PM

कोहिमा: नागालैंड के चुमौकेदिमा जिले में हुए शक्तिशाली आईईडी विस्फोट में असम राइफल्स के एक हवलदार के शहीद होने के एक दिन बाद मंगलवार को सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश तेज कर दी। अधिकारियों के अनुसार, अतिरिक्त असम राइफल्स और नागालैंड पुलिस की टुकड़ियों को इलाके में तैनात कर व्यापक तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।

रक्षा प्रवक्ता ने बताया कि विस्फोट में घायल हुए असम राइफल्स के चारों जवानों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनका अस्पताल में इलाज जारी है।

शहीद हवलदार मोहम्मद इकबाल 28 असम राइफल्स बटालियन में तैनात थे और जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले के रहने वाले थे। मंगलवार दोपहर उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए पुष्पचक्र अर्पण समारोह आयोजित किया गया। इसके बाद उनके पार्थिव शरीर को उनके गृह राज्य भेजे जाने की संभावना है।

असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा, सेना और असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चुमौकेदिमा जिले के सुखोवी स्थित असम राइफल्स प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में शामिल होने वाले हैं।

नागालैंड पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अब तक किसी उग्रवादी संगठन या अन्य समूह ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।

अधिकारियों के अनुसार, सोमवार दोपहर चुमौकेदिमा जिले के सुखोवी के पास असम राइफल्स के काफिले में शामिल एक वाहन आईईडी की चपेट में आ गया। विस्फोट में हवलदार मोहम्मद इकबाल शहीद हो गए, जबकि चार अन्य जवान घायल हो गए।

हवलदार इकबाल सुखोवी स्थित असम राइफल्स प्रशिक्षण केंद्र एवं स्कूल से संबद्ध थे। प्रशिक्षण केंद्र के निकट हुए इस विस्फोट में उड़कर आए मलबे की चपेट में आने से एक नागरिक भी घायल हो गया। वहीं, पास में खड़ा एक ऑटो रिक्शा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

इस घटना की नागालैंड के राज्यपाल नंद किशोर यादव, मुख्यमंत्री नेफियू रियो, उपमुख्यमंत्री यंथुंगो पैटन और असम राइफल्स के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल विकास लखेड़ा ने कड़ी निंदा की है। सभी ने दोषियों को जल्द न्याय के कटघरे में लाने का भरोसा दिलाया।

गौरतलब है कि यह हमला मणिपुर के उखरूल जिले में 6 जुलाई को हुए घातक हमले के केवल आठ दिन बाद हुआ है। उस घटना में इंफाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर नुंगशांग कोंग के पास संदिग्ध नागा उग्रवादियों द्वारा असम राइफल्स के वाहन पर घात लगाकर किए गए हमले में वारंट अधिकारी बलवंत सिंह और हवलदार चंद्र मोहन सिंह शहीद हो गए थे।

मणिपुर की उस घटना के बाद केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों द्वारा दोषियों की तलाश में संयुक्त अभियान लगातार जारी है।

हालांकि, प्रमुख नागा उग्रवादी संगठन नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालिम-इसाक-मुइवा (एनएससीएन-आईएम) ने मणिपुर हमले में किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। संगठन ने कहा है कि वह भारत सरकार के साथ हुए युद्धविराम समझौते और भारत-नागा शांति प्रक्रिया के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा ऐसा कोई कदम नहीं उठाएगा जिससे शांति वार्ता प्रभावित हो।

 

With inputs from IANS