
पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को लेकर देश भर में मचे बवाल के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। जंतर-मंतर और देश के अन्य हिस्सों में लगातार हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बाद, उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंपा। प्रधान ने कहा कि वे छात्रों के भविष्य को कानूनी उलझनों से बचाने और परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए यह कदम उठा रहे हैं।
अपने इस्तीफे पत्र में उन्होंने लिखा कि चार दशकों से वे छात्र-हितों और शिक्षा सुधार के लिए काम कर रहे हैं। NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ी सामने आते ही सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपी और अगले साल से यह परीक्षा कंप्यूटर-बेस्ड (CBT) मोड में कराने का फैसला लिया। उन्होंने साफ किया कि उनका मकसद हमेशा 'एग्जाम माफिया' को रोकना और होनहार छात्रों को न्याय दिलाना था।
धर्मेंद्र प्रधान ने दुख जताते हुए कहा कि कुछ जिम्मेदार लोगों ने छात्रों को गुमराह करने की कोशिश की, जिससे उन्हें गहरी ठेस पहुंची। उन्होंने कहा कि यह उनके व्यक्तिगत सम्मान की बात नहीं है, बल्कि वे नहीं चाहते कि कोई भी देश-विरोधी ताकत इस माहौल का फायदा उठाए। अंत में, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और कैबिनेट का आभार व्यक्त किया और कहा कि वे भगवान जगन्नाथ के आशीर्वाद से ओडिशा की जनता और देश के युवाओं की सेवा करते रहेंगे।
यदि आप इस इस्तीफे के बाद अगले शिक्षा मंत्री की नियुक्ति या आगामी परीक्षाओं के नए नियमों के बारे में जानना चाहते हैं, तो मुझे बताएं।
With inputs from IANS