जंतर-मंतर प्रदर्शन: FRS (Facial Recognition System) से दिल्ली पुलिस ने 2,000 संदिग्धों की पहचान की, सर्च ऑपरेशन तेजBy Admin Sat, 25 July 2026 04:02 PM

नई दिल्ली: जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने जांच का दायरा और तेज कर दिया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पिछले दो दिनों में फेशियल रिकग्निशन सिस्टम (FRS) की मदद से करीब 2,000 संदिग्ध लोगों की पहचान की गई है। यह पहचान प्रदर्शन स्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन फुटेज, मोबाइल वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण के आधार पर की गई है।

सूत्रों का दावा है कि पहचाने गए लोगों में कई ऐसे व्यक्ति शामिल हैं, जो कथित तौर पर छात्र बनकर प्रदर्शन में शामिल हुए थे, जबकि उनका पहले से आपराधिक रिकॉर्ड भी रहा है। पुलिस को आशंका है कि इन लोगों ने प्रदर्शन के दौरान भीड़ को उकसाने, हिंसा फैलाने और सुरक्षाकर्मियों के साथ हुई झड़प में अहम भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि, इन दावों की जांच अभी जारी है और पुलिस प्रत्येक संदिग्ध की भूमिका का अलग-अलग सत्यापन कर रही है।

दिल्ली पुलिस ने पहचाने गए सभी संदिग्धों की जानकारी संबंधित जिला पुलिस इकाइयों के साथ साझा कर दी है। इसके अलावा उनकी मोबाइल लोकेशन ट्रैक की जा रही है और संभावित ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन भी चलाया जा रहा है। जांच एजेंसियां तकनीकी साक्ष्यों, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और अन्य डिजिटल डेटा का भी विश्लेषण कर रही हैं, ताकि घटना से जुड़े सभी तथ्यों को स्पष्ट किया जा सके।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद जिन लोगों की संलिप्तता के पर्याप्त साक्ष्य मिलेंगे, उनके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई केवल उपलब्ध साक्ष्यों और जांच के निष्कर्षों के आधार पर ही की जाएगी।

फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और दिल्ली पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।