राज्यसभा से विपक्ष का वॉकआउट, जे.पी. नड्डा बोले- चर्चा से भाग रहा विपक्ष, सरकार हर मुद्दे पर तैयारBy Admin Thu, 30 July 2026 12:48 PM

नई दिल्ली। राज्यसभा में गुरुवार को विपक्षी दलों ने हंगामे के बीच सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि उसके पास कोई ठोस एजेंडा नहीं है और वह चर्चा से बच रहा है, जबकि सरकार हर मुद्दे पर बहस के लिए पूरी तरह तैयार है।

सदन की कार्यवाही आवश्यक दस्तावेज, रिपोर्ट और मंत्रियों के वक्तव्य पेश किए जाने के बाद शुरू हुई। इसी दौरान कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने संविधान के अनुच्छेद 75 का हवाला देते हुए कहा कि मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से सदन के प्रति जवाबदेह है और गृह मंत्री को सदन में उपस्थित होकर जवाब देना चाहिए।

सत्तापक्ष के विरोध के बावजूद सभापति हरिवंश राधाकृष्णन ने उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दी, लेकिन बाद में यह कहते हुए उनका प्वाइंट ऑफ ऑर्डर खारिज कर दिया कि यह सूचीबद्ध कार्यसूची से संबंधित नहीं है। उन्होंने अन्य सदस्यों को भी अनुमति लेकर अपने मुद्दे उठाने को कहा।

इसके बावजूद विपक्षी सदस्य लगातार "गृह मंत्री सदन में आओ" के नारे लगाते रहे, जिससे कार्यवाही बाधित होती रही।

इस दौरान कई सांसदों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। भाजपा सांसद प्रकाश चिक बराइक (पश्चिम बंगाल) और आम आदमी पार्टी के संजय सिंह ने उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की समस्याओं पर चर्चा की।

भाजपा सांसद घनश्याम तिवाड़ी ने राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र में पेयजल संकट का मुद्दा उठाया, जबकि असम से भाजपा सांसद कनाड पुरकायस्थ ने प्रधानमंत्री गति शक्ति परियोजना के तहत राज्य में लॉजिस्टिक्स पार्क स्थापित करने की मांग की।

गुजरात से सांसद गोविंदभाई लालजीभाई ढोलकिया ने देशभर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की वकालत की। वहीं हरियाणा से भाजपा सांसद रेखा शर्मा ने भारतीय रेलवे में यात्रियों के लिए तैयार बचा हुआ भोजन जरूरतमंदों को उपलब्ध कराने का सुझाव दिया, ताकि भोजन की बर्बादी रोकी जा सके।

इसके बाद कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि सदन में व्यवस्था नहीं है और विपक्ष जो कहना चाहता है, वह कार्यवाही का हिस्सा नहीं बन पा रहा है।

प्रमोद तिवारी ने दोबारा गृह मंत्री की मौजूदगी की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि जब मामला छात्रों पर लाठीचार्ज और गोलीबारी जैसे गंभीर आरोपों से जुड़ा हो, तब गृह मंत्री को सदन में आकर जवाब देना चाहिए।

सभापति ने एक बार फिर कहा कि यह मुद्दा कार्यसूची से संबंधित नहीं है और उन्होंने सिक्किम से भाजपा सांसद दोरजी त्शेरिंग लेप्चा को बोलने के लिए आमंत्रित किया। इसी दौरान विपक्षी सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। लेप्चा ने सिक्किम में याक संरक्षण का मुद्दा उठाया।

विपक्ष के बाहर जाने के बाद सदन के नेता जेपी नड्डा ने कहा कि विपक्ष लगातार अपना रुख बदलता रहता है, जबकि मोदी सरकार हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार रहती है। उन्होंने कहा कि जब भी बहस होती है, विपक्ष के पास कहने के लिए कुछ नहीं होता।

नड्डा ने विपक्ष के रवैये की आलोचना करते हुए इसे पूरी तरह गैर-जिम्मेदाराना बताया और दोहराया कि सरकार सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।

इससे पहले राज्यसभा में विदेश मामलों, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान और संस्कृति मंत्रालय से जुड़ी संसदीय समितियों की रिपोर्टें और विभिन्न मंत्रालयों की सिफारिशों के अनुपालन संबंधी वक्तव्य भी सदन के पटल पर रखे गए। इसके बाद सदन ने अपनी निर्धारित कार्यसूची के अनुसार कार्यवाही जारी रखी।

 

With inputs from IANS

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