प्रयागराज में राहुल गांधी के छात्र कार्यक्रम की अनुमति रद्द, कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर लगाए लोकतंत्र दबाने के आरोपBy Admin Thu, 06 August 2026 04:24 PM









नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के प्रस्तावित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की अनुमति रद्द किए जाने को लेकर सियासी विवाद तेज हो गया है। कांग्रेस ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए भाजपा सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया है।

राहुल गांधी 8 अगस्त को प्रयागराज के केपी ग्राउंड में छात्रों को संबोधित करने वाले थे, लेकिन कार्यक्रम से दो दिन पहले ही आयोजन स्थल की अनुमति वापस ले ली गई। केपी ग्राउंड का संचालन करने वाले कायस्थ पाठशाला ट्रस्ट ने लगातार हो रही बारिश, सुरक्षा संबंधी चिंताओं और अदालत के एक आदेश का हवाला देते हुए अनुमति रद्द करने की बात कही।

हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया।

उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार देशभर में राहुल गांधी के छात्र संवाद कार्यक्रमों को रोकने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले कोटा, फिर देहरादून और अब प्रयागराज में कार्यक्रमों में बाधाएं खड़ी की जा रही हैं, लेकिन इसके बावजूद कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने छात्रों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों से बड़ी संख्या में कार्यक्रम में पहुंचने की अपील भी की।

ADVERTISEMENT
Advertisement

कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने इस मामले पर संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "पता नहीं वे किस बात से डर रहे हैं।"

कांग्रेस सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई लोकतंत्र का गला घोंटने जैसी है और सरकार के लोकतांत्रिक मूल्यों पर सवाल खड़े करती है।

वहीं, कांग्रेस सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने इसे बेहद शर्मनाक करार देते हुए कहा कि यदि सरकार खुद छात्रों से संवाद नहीं करना चाहती, तो कम से कम विपक्ष के नेता को तो उनसे मिलने देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के कार्यक्रम से डरना सरकार की मानसिकता को दर्शाता है।

इस मुद्दे पर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को कहीं भी जाने और लोगों से संवाद करने का अधिकार है। उनके मुताबिक, किसी को ऐसा करने से रोकना सरकार की कमजोरी को दर्शाता है।

राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उठे इस विवाद ने उत्तर प्रदेश की सियासत में नया राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बता रही है, जबकि आयोजन स्थल की ओर से अनुमति रद्द करने के पीछे सुरक्षा और प्रशासनिक कारणों का हवाला दिया गया है।

 

With inputs from IANS