
RANCHI : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन सदन से 8399 करोड़ 31 लाख रुपये का प्रथम अनुपूरक बजट पारित हुआ। विपक्ष सदन से अनुपस्थित रहा। प्रथम अनुपूरक बजट पारित होने के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार के 11 बजे दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई। अनुपूरक में ग्रामीण विकास विभाग को सबसे अधिक 4,258 करोड़ 67 लाख 35 हजार रुपये,स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के लिए 946 करोड़ 3 लाख 95 हजार रुपये, गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग में आपदा प्रबंधन के लिए 490 करोड़ 6 लाख 89 हजार रुपये और गृह प्रभाग के लिए 144 करोड़ 16 लाख 93 हजार रुपये दिए गए हैं। प्रथम अनुपूरक बजट पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य की वित्तीय स्थिति पर विस्तार से बताया। पिछले चार महीनों के खर्च और केंद्र से मिलने वाली राशि का आंकड़ा सदन में रखा। साथ ही केंद्र की भाजपानीत सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि केंद्रीय करों में हिस्सेदारी के बाद झारखंड को अनुदान के रूप में केवल 0.73 प्रतिशत राशि मिली है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार झारखंड में भाजपा की सरकार नहीं होने के कारण राज्य के साथ भेदभाव कर रही है। उन्होंने टैक्स डेवोलेशन के आंकड़े रखते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश को 19,208 करोड़ रुपये, बिहार को 10,845 करोड़ रुपये, मध्य प्रदेश को 810 करोड़ रुपये, महाराष्ट्र को 722 करोड़ रुपये और राजस्थान को 460 करोड़ रुपये मिले। वहीं झारखंड को केवल 360 करोड़ रुपये मिले। उन्होंने बताया कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में राजस्व प्राप्ति लगभग 26 फीसदी और राजस्व खर्च लगभग 21 फीसदी रही है।