मणिपुर में शांति की ओर बड़ा कदम, चार महिलाओं समेत 46 उग्रवादियों ने किया आत्मसमर्पणBy Admin Tue, 18 August 2026 04:51 PM

Photo: IANS

मणिपुर में शांति, पुनर्वास और विकास की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी-ताइबांगनबा गुट (KCP-Taibanganba) के चार महिला कैडरों समेत 46 उग्रवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर राज्य सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। इस दौरान उग्रवादियों ने 20 हथियार भी सुरक्षा अधिकारियों को सौंपे।

इंफाल के 1st मणिपुर राइफल्स परेड ग्राउंड में गृह विभाग की ओर से आयोजित ‘होमकमिंग समारोह’ में आत्मसमर्पण की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की गई। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह की उस घोषणा के बाद हुआ है, जिसमें उन्होंने 12 अगस्त को राज्य में शांति प्रक्रिया को मजबूत करने के लिए अवैध हथियार रखने वालों से 15 दिनों के भीतर हथियार छोड़ने की अपील की थी।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 3 मई 2023 को राज्य में शुरू हुई जातीय हिंसा के कारण कुछ लोगों ने हथियार उठाए और उग्रवादी संगठनों से जुड़ने का रास्ता चुना होगा। उन्होंने KCP कैडरों के आत्मसमर्पण के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि हथियार उठाने से राज्य में शांति स्थापित नहीं हुई है।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों को सरकार की ओर से हर संभव मदद दी जाएगी और उन्हें मुख्यधारा में वापस लाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इन 46 कैडरों का पुनर्वास Revised Surrender-cum-Rehabilitation Policy, 2018 के तहत किया जाएगा।

इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक कैडर को 36 महीने तक हर महीने अधिकतम 6,000 रुपये का वजीफा दिया जाएगा। इसके अलावा 4 लाख रुपये की फिक्स्ड डिपॉजिट सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार आत्मसमर्पण करने वालों को कौशल आधारित प्रशिक्षण दिलाने में भी मदद करेगी, ताकि वे स्थायी रोजगार या आजीविका हासिल कर सकें और सामान्य जीवन में लौटने के बाद अपने पैरों पर खड़े हो सकें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मणिपुर में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) लागू करने की मांग का समर्थन करती है, लेकिन बंद के जरिए विरोध जताने को उचित नहीं मानती। उन्होंने कहा कि बंद से स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और दिहाड़ी मजदूरों समेत आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित होती है। इसलिए अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक विरोध के दूसरे तरीकों पर विचार किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि मणिपुर में स्थायी शांति तभी संभव है जब लोग हथियार छोड़कर बातचीत और लोकतांत्रिक माध्यमों से अपनी शिकायतों का समाधान तलाशें।

पुलिस महानिदेशक मुकेश सिंह ने स्वागत भाषण में कहा कि हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों ने अपने परिवार, समुदाय और नागरिक जिम्मेदारियों की ओर लौटने का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि मणिपुर पुलिस संवैधानिक जिम्मेदारियों को पूरी मजबूती से निभाती रहेगी, लेकिन जो लोग वास्तव में हिंसा छोड़कर समाज में वापस आना चाहते हैं, उनके लिए आत्मसमर्पण, सत्यापन और पुनर्वास की कानूनी प्रक्रिया में पुलिस सहयोग करेगी।

डीजीपी ने आत्मसमर्पण करने वाले कैडरों से अपने फैसले पर पूरी तरह कायम रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि ‘होमकमिंग’ समारोह की सफलता केवल कार्यक्रम आयोजित होने से तय नहीं होगी, बल्कि यह इस बात से तय होगी कि आत्मसमर्पण करने वाले लोग भविष्य में समाज के प्रति किस तरह योगदान देते हैं।

समारोह के दौरान राज्य सरकार और KCP-Taibanganba गुट के बीच आत्मसमर्पण स्वीकार करने संबंधी समझौते पर भी हस्ताक्षर किए गए। संगठन की ओर से KCP-T के अध्यक्ष हाओबिजाम दिलीप उर्फ ताइबांगनबा ने हस्ताक्षर किए, जबकि राज्य सरकार की ओर से गृह विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. एम. वेटो सिंह ने समझौते पर हस्ताक्षर किया।

आत्मसमर्पण के दौरान सौंपे गए हथियारों में INSAS राइफल, M22 राइफल, RPG, Lathod 40 mm, Smith & Wesson .38 रिवॉल्वर, 51 mm मोर्टार, SLR, Mauser 9 mm पिस्तौल, 9 mm पिस्तौल, CZ-75 Luger पिस्तौल, Smith & Wesson 9 mm पिस्तौल और .32 पिस्तौल शामिल हैं।

कैडरों ने 5.56 mm, 9 mm, 7.62 mm और .32 mm के कारतूस भी जमा किए। इसके अलावा हैंड ग्रेनेड, डेटोनेटर और Baofeng हैंडहेल्ड कम्युनिकेशन सेट तथा उनके चार्जर भी सौंपे गए।

मणिपुर में हाल के महीनों में सरकार और सुरक्षा बलों ने सशस्त्र समूहों तथा उग्रवादी गतिविधियों से जुड़े लोगों को हिंसा छोड़कर मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रोत्साहित करने के प्रयास तेज किए हैं। ताजा आत्मसमर्पण को इसी अभियान का हिस्सा माना जा रहा है।

इससे पहले 21 जुलाई को KCP के पीपुल्स वॉर ग्रुप गुट के 46 कैडरों ने भी आत्मसमर्पण किया था। उनके लिए ‘होमकमिंग समारोह’ इंफाल के मणिपुखरी गैरीसन स्थित असम राइफल्स के इंस्पेक्टर जनरल, साउथ के मुख्यालय में आयोजित किया गया था।

मंगलवार के समारोह में उपमुख्यमंत्री लोसी डिखो, कला एवं संस्कृति तथा पर्यटन मंत्री खुरैजाम लोकेन सिंह, कई विधायक, सुरक्षा सलाहकार कुलदीप सिंह और नागरिक प्रशासन, मणिपुर पुलिस तथा केंद्रीय सुरक्षा बलों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

मणिपुर में जारी शांति प्रयासों के बीच इन आत्मसमर्पणों से सरकार को उम्मीद है कि अन्य सशस्त्र समूहों और उनके सदस्यों को भी हिंसा छोड़कर बातचीत, पुनर्वास और लोकतांत्रिक प्रक्रिया के जरिए मुख्यधारा में लौटने के लिए प्रेरणा मिलेगी।

 

With inputs from IANS