

Photo: IANS
गौतम बुद्ध नगर में स्वाइन फ्लू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। जिले में अब तक करीब 120 मामले सामने आने के बाद अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को अलर्ट पर रखा गया है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 20 बेड का ICU भी तैयार किया गया है, जिसमें वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है।
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय संक्रमण से बचाव के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। विभाग ने लोगों को भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने, साफ-सफाई का ध्यान रखने और खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने की सलाह दी है।
अधिकारियों के मुताबिक, मौसम में बदलाव के साथ वायरल संक्रमण के मामलों में भी बढ़ोतरी देखी जा रही है। इसे देखते हुए जिले के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को सतर्क किया गया है। संदिग्ध स्वाइन फ्लू मरीजों की पहचान, जांच और इलाज के लिए जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।
स्वास्थ्य केंद्रों पर जरूरी दवाओं की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है, ताकि मरीजों को इलाज के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। गंभीर स्थिति वाले मरीजों के लिए तैयार किए गए 20 बेड के ICU में वेंटिलेटर समेत आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि जरूरत पड़ने पर गंभीर मरीजों को तत्काल उपचार दिया जाएगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मदन मोहन मणि त्रिपाठी ने लोगों से अपील की है कि वे स्वाइन फ्लू को लेकर अनावश्यक घबराहट न फैलाएं, लेकिन लक्षण दिखाई देने पर उन्हें नजरअंदाज भी न करें। उन्होंने कहा कि खांसी, गले में खराश, बुखार, शरीर में दर्द, कमजोरी और सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।
स्वास्थ्य विभाग ने बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। ऐसे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप लेने का जोखिम अपेक्षाकृत अधिक हो सकता है, इसलिए लक्षण दिखाई देने पर समय पर डॉक्टर से संपर्क करना महत्वपूर्ण है।
विभाग की एडवाइजरी में लोगों से खांसते या छींकते समय रूमाल, टिश्यू या कोहनी से मुंह और नाक ढकने को कहा गया है। नियमित रूप से साबुन और पानी से हाथ धोने तथा संक्रमित व्यक्ति के बहुत करीब जाने से बचने की भी सलाह दी गई है।
वायरल संक्रमण के लक्षण वाले लोगों को अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचने के लिए कहा गया है। इससे संक्रमण के संभावित प्रसार को कम करने में मदद मिल सकती है।
स्वास्थ्य विभाग ने खास तौर पर खुद से दवा लेने को लेकर भी चेतावनी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, सर्दी, खांसी या बुखार होने पर कई लोग मेडिकल स्टोर से अपनी पसंद की दवा खरीदकर लेना शुरू कर देते हैं, लेकिन स्वाइन फ्लू जैसे संक्रमण की आशंका होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के इलाज शुरू करना उचित नहीं है।
अधिकारियों ने लोगों से योग्य डॉक्टर की सलाह के बाद ही दवा लेने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की है। स्वास्थ्य विभाग अस्पतालों में दवाओं, चिकित्सा सुविधाओं और अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता की लगातार निगरानी कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, स्वाइन फ्लू के मामलों में शुरुआती पहचान और समय पर उपचार महत्वपूर्ण होता है। लक्षणों को नजरअंदाज करने या इलाज में देरी करने के बजाय समय रहते चिकित्सकीय मदद लेने से गंभीर स्थिति के जोखिम को कम किया जा सकता है।
फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की प्राथमिकता संक्रमण की निगरानी, संदिग्ध मामलों की समय पर पहचान और गंभीर मरीजों के लिए पर्याप्त उपचार व्यवस्था बनाए रखना है।
