

Photo: IANS
उत्तर प्रदेश के कानपुर में गुरुवार को गंगा नदी के किनारे एक खेत में दो इंजन वाले ट्रेनिंग विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने से दो पायलटों की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल को घेरकर राहत एवं जांच का काम शुरू किया।
कानपुर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने दोनों पायलटों की मौत की पुष्टि की है। मृतकों की पहचान पायलट सचिन और को-पायलट अभिषेक पुजारी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सचिन गुजरात के रहने वाले थे और उनके पास 3,000 से अधिक घंटे की उड़ान का अनुभव था। वहीं, को-पायलट अभिषेक पुजारी कर्नाटक के रहने वाले थे।
अधिकारियों के मुताबिक, चार सीटों वाला ट्विन-इंजन टेकनम ट्रेनिंग विमान करीब 11:50 बजे दुर्घटनाग्रस्त हुआ। विमान ने ग्वालटोली थाना क्षेत्र के नत्थापुरवा गांव के पास स्थित गर्ग एविएशन ट्रेनिंग सेंटर से उड़ान भरी थी। उड़ान भरने के कुछ समय बाद विमान कथित तौर पर नियंत्रण खो बैठा और गंगा नदी के किनारे एक खेत में जा गिरा।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों की भी भीड़ घटनास्थल पर जमा हो गई। पुलिस और बचाव दल ने दुर्घटनास्थल को घेर लिया ताकि मलबे और अन्य साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके। अधिकारियों ने विमान दुर्घटना के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है।
घटना की जानकारी नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) को भी दे दी गई है। DGCA की टीम के घटनास्थल पर पहुंचने की उम्मीद है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि विमान ने नियंत्रण क्यों खोया और दुर्घटना से पहले उसमें किसी तरह की तकनीकी या अन्य समस्या तो नहीं आई थी।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृत पायलटों के परिजनों के प्रति संवेदना जताते हुए दिवंगत आत्माओं की शांति और शोक संतप्त परिवारों को यह दुख सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की।
यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब हाल के महीनों में देश के अलग-अलग हिस्सों में ट्रेनिंग विमानों से जुड़े कुछ हादसे सामने आए हैं। जून में उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में दो सीटों वाला एक ट्रेनिंग विमान खेत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। उस हादसे में महिला पायलट को मामूली चोटें आई थीं।
इससे पहले मई में रेडबर्ड फ्लाइट ट्रेनिंग अकादमी का एक ट्रेनिंग विमान महाराष्ट्र के बारामती में गोजुबावी गांव के पास हार्ड लैंडिंग का शिकार हुआ था।
कानपुर हादसे की विस्तृत जांच के बाद ही दुर्घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस और संबंधित विमानन अधिकारी घटनास्थल से जरूरी जानकारी जुटा रहे हैं।
