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देशभर में मेडिकल स्नातकों के लिए NEET-PG 2026 परीक्षा रविवार को आयोजित की जाएगी। इस बार 2.73 लाख से अधिक उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा देश के 340 शहरों में बनाए गए करीब 1,300 केंद्रों पर एक ही शिफ्ट में आयोजित की जाएगी।
National Board of Examinations in Medical Sciences (NBEMS) ने 26 अगस्त को NEET-PG 2026 के एडमिट कार्ड जारी कर दिए थे। इस साल कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण कराया है, जो पिछले साल की तुलना में 12.5 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि है।
NEET-PG क्वालिफाई करने के बाद मेडिकल ग्रेजुएट सरकारी और निजी मेडिकल कॉलेजों में पोस्टग्रेजुएट मेडिकल पाठ्यक्रमों में दाखिला ले सकते हैं। इनमें MD (Doctor of Medicine) और MS (Master of Surgery) जैसे प्रमुख पाठ्यक्रम शामिल हैं।
परीक्षा की तैयारियों को लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जे.पी. नड्डा ने उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। उन्होंने संबंधित सभी एजेंसियों को परीक्षा को सुचारु, सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए।
परीक्षा की सुरक्षा के लिए इस बार व्यापक इंतजाम किए गए हैं। परीक्षा केंद्रों पर CCTV निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, फ्रिस्किंग, सिग्नल जैमर, डायनेमिक कंप्यूटर अलोकेशन और लाइव मॉनिटरिंग जैसी व्यवस्थाएं लागू रहेंगी। केंद्रीय और क्षेत्रीय कमांड सेंटरों से परीक्षा की निगरानी की जाएगी। परीक्षा के संचालन में 60,000 से अधिक कर्मियों की तैनाती की गई है।
स्वास्थ्य मंत्री ने उम्मीदवारों को परीक्षा से संबंधित अफवाहों और फर्जी दावों से सावधान रहने की सलाह दी है। खास तौर पर प्रश्नपत्र पहले से उपलब्ध होने या लीक होने के दावों को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे दावे पूरी तरह झूठे और उम्मीदवारों को गुमराह करने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं।
नड्डा के अनुसार, अंतिम प्रश्नपत्र का चयन परीक्षा शुरू होने से कुछ समय पहले अत्यधिक सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड और समयबद्ध प्रक्रिया के तहत किया जाता है। प्रश्नपत्र की गोपनीयता बनाए रखने के लिए तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई सुरक्षा उपाय लागू हैं। इसलिए किसी भी व्यक्ति द्वारा परीक्षा शुरू होने से पहले प्रश्नपत्र तक पहुंच होने का दावा भरोसे के लायक नहीं है।
उन्होंने उम्मीदवारों से कहा कि परीक्षा से संबंधित किसी भी सूचना के लिए केवल NBEMS और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें। किसी संदिग्ध गतिविधि या अनुचित साधन के इस्तेमाल की कोशिश की जानकारी मिलने पर तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की भी अपील की गई है।
इस वर्ष परीक्षा को उम्मीदवारों के लिए अधिक सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से कई बदलाव किए गए हैं। उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्र के लिए तीन राज्यों की प्राथमिकता बताने का विकल्प दिया गया था। इनमें उनका correspondence state अनिवार्य रूप से पहली प्राथमिकता था।
अधिकारियों के अनुसार, उम्मीदवारों को परीक्षा शहर की जानकारी करीब तीन सप्ताह पहले ही दे दी गई थी। इससे छात्रों को यात्रा और रहने की व्यवस्था पहले से करने के लिए पर्याप्त समय मिल गया।
परीक्षा पैटर्न में भी बदलाव किया गया है। अब उम्मीदवारों को 180 प्रश्न हल करने के लिए 210 मिनट का समय मिलेगा। इसका उद्देश्य उम्मीदवारों को प्रत्येक प्रश्न के लिए पहले की तुलना में अधिक समय उपलब्ध कराना है।
परीक्षा प्रक्रिया में आधार आधारित प्रमाणीकरण को भी शामिल किया गया है। यह सुविधा पंजीकरण के साथ-साथ परीक्षा के दौरान पहचान सत्यापन में इस्तेमाल होगी। यदि किसी उम्मीदवार का फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण सफल नहीं होता है, तो पहचान की पुष्टि के लिए iris-based biometric verification को वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा।
परीक्षा के इतने बड़े स्तर पर आयोजन को देखते हुए NBEMS, तकनीकी साझेदारों और अन्य संबंधित एजेंसियों की तैयारियों की भी समीक्षा की गई है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा और निष्पक्षता के साथ-साथ उम्मीदवारों को परीक्षा केंद्रों पर यथासंभव सुविधाजनक और तनावमुक्त अनुभव मिले।